गाजा में रहने वाले फिलिस्तीनी इस साल लगातार तीसरी बार युद्ध जैसे हालातों के बीच ईद मनाने को मजबूर हैं। खाने-पीने की गंभीर कमी और बुनियादी चीजों के न मिलने के कारण यहां त्योहार की कोई खुशी नहीं बची है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 27 मई 2026 को गाजा में मानवीय संकट और ज्यादा बढ़ गया है। इजरायली प्रतिबंधों के कारण न तो लोग हज पर जा पा रहे हैं और न ही ईद-उल-अजहा पर दी जाने वाली पशु बलि की रस्म पूरी हो पा रही है।

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राहत सामग्री और ईंधन की भारी किल्लत क्यों है?

गाजा के लोगों के लिए मानवीय सहायता पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया है। तय नियमों के अनुसार रोजाना 600 सहायता ट्रक, जिसमें 50 ईंधन ट्रक भी शामिल हैं, गाजा में प्रवेश करने चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि केवल 37 प्रतिशत सहायता ट्रक और सिर्फ 14 प्रतिशत ईंधन की गाजा में एंट्री हो पाई है। गाजा के सरकारी मीडिया ऑफिस (GMO) ने चेतावनी दी है कि लगभग 24 लाख से ज्यादा फिलिस्तीनी भूख और बुनियादी चीजों की कमी का सामना कर रहे हैं। पशुपालन क्षेत्र का 90 प्रतिशत हिस्सा तबाह हो चुका है, जिससे ईद पर कुर्बानी के जानवर भी उपलब्ध नहीं हैं।

हज यात्रा पर रोक और सुरक्षा के क्या हालात हैं?

इजरायली अधिकारियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से लगातार तीसरे साल गाजा से कोई भी यात्री हज के लिए मक्का नहीं जा पा रहा है। इसी बीच, गाजा में तनाव लगातार बना हुआ है। ईद से ठीक पहले 26 मई 2026 को गाजा सिटी में हवाई हमले किए गए, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और 12 अन्य घायल हो गए। इजरायली सरकार के अनुसार, इस हमले में हमास के सैन्य विंग के नए नेता मोहम्मद ओदेह को निशाना बनाया गया था। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक 72,700 से ज्यादा फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं।

WFP की फंडिंग में कमी का क्या असर हुआ है?

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के उप प्रमुख कार्ल स्काऊ ने बताया कि वैश्विक स्तर पर भुखमरी के मामलों में वृद्धि हुई है और संगठन की फंडिंग में लगभग 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। इस कमी के कारण संगठन को जरूरतमंदों की मदद करने में काफी परेशानी हो रही है। हालांकि WFP हर महीने 10 लाख से अधिक लोगों तक भोजन के पैकेट और ब्रेड पहुंचा रहा है, लेकिन धन की कमी के कारण गर्म भोजन परोसने वाली वर्ल्ड सेंट्रल किचन (WCK) जैसी संस्थाओं को अपनी सेवाएं कम करनी पड़ी हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

गाजा में ईद के दौरान पशु बलि क्यों नहीं हो पा रही है?

गाजा के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार, वहां के 90 प्रतिशत से अधिक पशु फार्म पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा इजरायली प्रतिबंधों के कारण बाहर से भी जीवित जानवरों के आने पर रोक लगी हुई है।

गाजा में रोजाना कितने सहायता ट्रकों की जरूरत है और कितने पहुंच रहे हैं?

मौजूदा नियमों के तहत रोजाना 600 राहत ट्रक गाजा जाने चाहिए, लेकिन प्रतिबंधों के कारण केवल 37 प्रतिशत सहायता ट्रक और 14 प्रतिशत ईंधन की ही डिलीवरी हो पा रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.