गाज़ा में अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम के बाद भी आम लोगों को कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। यहाँ के अस्पताल पिछले दो सालों से चल रही जंग की वजह से पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अब पूरे इलाके में एक भी MRI स्कैनर काम नहीं कर रहा है, जिससे गंभीर मरीजों का इलाज करना नामुमकिन हो गया है।

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गाज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था का क्या हाल है?

गाज़ा में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। दिसंबर 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 38 में से 22 अस्पताल काम करना बंद कर चुके थे। जुलाई 2025 में MSF ने बताया था कि कोई भी अस्पताल पूरी तरह काम करने की स्थिति में नहीं है। मार्च 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, करीब 20,000 से ज़्यादा मरीज़ इलाज के लिए विदेश जाने का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि स्थानीय व्यवस्था खत्म हो चुकी है।

अस्पतालों में मशीनों की क्या स्थिति है?

गाज़ा के अस्पतालों में ज़रूरी मेडिकल उपकरणों का नामोनिशान मिट गया है। अल-शिफा अस्पताल में लगाई गई नई MRI मशीनें भी तबाह कर दी गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अब पूरे गाज़ा स्ट्रिप में एक भी वर्किंग MRI स्कैनर नहीं बचा है। इस वजह से डॉक्टरों के लिए बीमारियों की सही पहचान करना और समय पर इलाज शुरू करना बहुत मुश्किल हो गया है।

अक्टूबर के युद्धविराम में क्या तय हुआ था?

9 अक्टूबर 2025 को मिस्र के शर्म अल-शेख में इज़राइल और हमास के बीच एक समझौता हुआ था। यह समझौता अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव पर हुआ था। इस समझौते में मानवीय मदद बढ़ाने और सेना की वापसी की बात कही गई थी, लेकिन ह्युमन राइट्स वॉच के अनुसार, नाकाबंदी की वजह से बुनियादी सेवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था को फिर से शुरू करना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.