गाजा में एक बार फिर मासूमों की जान गई है. एक गर्भवती महिला और उसके दो बच्चों की मौत ने सबको हैरान कर दिया है. उनके पिता का कहना है कि वे सुरक्षित इलाके में थे, फिर भी उन पर हमला हुआ. शनिवार को गाजा में इन तीनों का अंतिम संस्कार किया गया.

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हमले में कौन मारे गए और क्या हुआ

यह घटना शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को हुई. उत्तरी गाजा के Beit Lahiya इलाके की रहने वाली Islam Al-Tanani की मौत हो गई, जो जुड़वा बच्चों के साथ गर्भवती थीं. उनके साथ उनके दो बच्चे, 13 साल का Hamza और 4 साल की Naya भी मारे गए. शुक्रवार को हुए अलग-अलग हमलों में कुल 12 से 13 लोग मारे गए. इनमें Gaza City के दो आदमी और Khan Younis के आठ लोग शामिल थे, जिनमें चार पुलिस अफसर भी थे.

इसराइल और हमास के दावों में क्या अंतर है

  • परिवार का कहना: मृतक की पति Khalid Al-Tanani ने बताया कि उन्हें लगा था कि वह इलाका सुरक्षित है और हमला बिना किसी चेतावनी के हुआ.
  • इसराइल सेना (IDF) का दावा: IDF ने कहा कि उन्होंने उन उग्रवादियों को निशाना बनाया जो सैनिकों के लिए खतरा थे और नागरिकों को पहले चेतावनी दी गई थी. सेना ने यह भी कहा कि उन्होंने हमास के उन operatives को मारा जो हमले की योजना बना रहे थे.
  • हमास का बयान: हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूहों ने इन हमलों को युद्ध अपराध बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की.

UN ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा

संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने कहा कि गाजा में फिलिस्तीनी लोग अब भी असुरक्षित हैं. UN के विशेषज्ञों ने चिंता जताई कि विस्थापित लोगों के ठिकानों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है. UN की एजेंसी OCHA ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गाजा में रिहायशी इलाकों पर हर दिन हमले हो रहे हैं और वहां कहीं भी नागरिक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं.