गाजा में जारी युद्ध के बीच एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है. वहां के गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने बताया कि इस युद्ध में अब तक 262 पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं. यह जानकारी वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे के मौके पर जारी की गई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान इस तरफ खींचा है.

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गाजा में पत्रकारों के नुकसान का पूरा हिसाब क्या है

गाजा गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने जो आंकड़े दिए हैं, वे काफी डरावने हैं. अक्टूबर 2023 से अब तक के हालात कुछ इस तरह रहे हैं:

  • कुल मौतें: 262 पत्रकार और मीडिया कर्मचारी मारे गए.
  • गिरफ्तारी: 50 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है.
  • लापता: 3 पत्रकार अभी भी गायब हैं.
  • घायल: 420 से ज्यादा मीडियाकर्मी जख्मी हुए, जिनमें से कई अब जिंदगी भर के लिए दिव्यांग हो गए हैं.

मीडिया ऑफिस का कहना है कि इस युद्ध ने पत्रकारिता को बहुत खतरनाक बना दिया है और यह सच को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है.

इजरायल के साथ किन देशों को जिम्मेदार ठहराया गया

गाजा मीडिया ऑफिस ने इन मौतों के लिए इजरायल को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध अपराध बताया है. इसके अलावा, कुछ अन्य देशों के नाम भी लिए गए हैं जिन्होंने इजरायल को राजनीतिक और सैन्य मदद दी है:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका (US)
  • यूनाइटेड किंगडम (UK)
  • जर्मनी
  • फ्रांस

मीडिया ऑफिस ने दुनिया भर के देशों और प्रेस फ्रीडम संगठनों से अपील की है कि वे गाजा में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और दोषियों को सजा दिलाएं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

गाजा में अब तक कितने पत्रकारों की जान गई है

गाजा गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस के अनुसार, अक्टूबर 2023 से अब तक 262 पत्रकार और मीडिया कर्मचारी मारे गए हैं.

मीडिया ऑफिस ने किन देशों को इस घटना का जिम्मेदार बताया है

इजरायल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है, साथ ही अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस को भी राजनीतिक और सैन्य समर्थन देने के कारण जिम्मेदार माना गया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.