गाजा में मेडिकल सिस्टम पूरी तरह फेल, आम लोगों के लिए इलाज बना लग्जरी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा।

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं और वहां मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के ढह जाने से आम लोगों के लिए इलाज पाना किसी लग्जरी से कम नहीं रह गया है। नर्स और लेखिका Hadeel Awad द्वारा 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित एक ओपिनियन पीस में बताया गया कि मेडिकल सुविधाओं को लगातार निशाना बनाए जाने और गाजा के लोगों को बेघर किए जाने से बुनियादी स्वास्थ्य अधिकार अब एक विलासिता बन चुका है। हालांकि साल 2023 के अंत के बाद से अस्पतालों पर सीधे बमबारी और हिंसक छापे कुछ कम हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था का पतन लगातार जारी है, जहां शरणार्थी शिविरों में रह रहे सबसे बेसहारा लोगों तक मदद पहुंचना नामुमकिन साबित हो रहा है।
अस्पतालों और क्लीनिकों की भारी कमी
UNRWA द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी की गई एक रिपोर्ट जिसका शीर्षक "A System in Crisis: Access Health Care in the Gaza Strip" है, के अनुसार 7 अक्टूबर 2023 से लगातार हो रही तबाही, बार-बार विस्थापन और ईंधन, कर्मचारियों व मेडिकल सामान की भारी कमी के कारण वहां की पूरी मेडिकल व्यवस्था बैठ चुकी है। अगस्त 2026 के मध्य तक के आंकड़ों के मुताबिक, गाजा के कुल 34 अस्पतालों में से केवल 19 अस्पताल ही आंशिक रूप से काम कर रहे हैं, जबकि 22 UNRWA क्लीनिकों में से सिर्फ 6 ही चालू हालत में हैं। इसके अलावा, साल 2023 में जहां अस्पतालों में लगभग 3,500 बेड उपलब्ध थे, वह संख्या घटकर अब महज 1,500 ही रह गई है।
जरूरी दवाओं की भारी किल्लत और बढ़ते मामले
इस पूरे संकट को और ज्यादा गंभीर बनाने का काम मानवीय सहायता पर लगी पाबंदियों ने किया है। UNRWA की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल ने राहत सामग्री लेकर आने वाले ट्रकों की संख्या को घटाकर रोजाना सिर्फ 30 तक सीमित कर दिया है। इस वजह से जरूरी मेडिकल सामानों में से 40% से अधिक स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। भीड़भाड़ और साफ-सफाई की बेहद खराब स्थिति के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य स्तर पर बुरा असर पड़ा है, जिसके चलते साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में गर्भपात और गंभीर मातृ रुग्णता के लगभग 4,000 मामले सामने आए हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 के संघर्ष विराम से लेकर 12 अगस्त 2026 के बीच कुल 1,259 लोगों की मौत हुई और 4,148 लोग घायल हुए। इसके साथ ही, अक्टूबर 2023 से घायल हुए लोगों में से लगभग 25% लोग अंगों के कटने और गंभीर दिमागी चोटों जैसी स्थाई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या अंग कटने के मामलों में 18% और रीढ़ की हड्डी व दिमाग की चोटों के मामलों में 31% है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की चिंता
दुनियाभर की बड़ी स्वास्थ्य और मानवीय संस्थाएं इस भयानक स्थिति पर लगातार चिंता जता रही हैं। 4 अगस्त 2026 को WHO के डायरेक्टर-जनरल Tedros Adhanom Ghebreyesus ने अल-अक्सा शहीद अस्पताल के पास बने एक स्टोरेज गोदाम को इजरायली हमले में तबाह किए जाने की कड़ी निंदा की थी। इसके अलावा, 20 अगस्त 2026 को डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर यानी MSF ने इजरायली मिलिट्री एडवोकेट जनरल के उस फैसले की भी आलोचना की, जिसमें MSF के काफिले और शेल्टर पर हुए हमलों के मामलों को बिना किसी आपराधिक जांच के बंद कर दिया गया था। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी UNOCHA ने 14 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी कि जरूरी सेवाओं के इस तरह ढह जाने से गाजा की पूरी आने वाली पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं।