Gaza Medical Crisis: गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ठप, ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं की भारी कमी से जूझ रहे अस्पताल

गाजा पट्टी में स्वास्थ्य सेवाएं 23 अगस्त 2026 तक पूरी तरह से चरमरा गई हैं। मेडिकल ऑक्सीजन और जरूरी सामान की भारी कमी की वजह से अस्पतालों का हाल बहुत बुरा हो गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, पूरे इलाके में 35 ऑक्सीजन सुविधाओं में से अब सिर्फ 12 से भी कम चालू हालत में हैं और वे भी अपनी क्षमता के आधे से भी कम पर काम कर रहे हैं। इस संकट की वजह से आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और डॉक्टरों के लिए मरीजों की जान बचाना बहुत मुश्किल हो गया है।
अस्पतालों में खत्म हुआ ऑक्सीजन और जरूरी दवाओं का स्टॉक
फिलहाल स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि 34 में से 22 ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़े हैं। इसके अलावा सिलेंडर भरने वाले 30 में से सिर्फ 4 डिवाइस ही किसी तरह काम कर रहे हैं, जिन पर ज्यादा लोड और रखरखाव न होने की वजह से बंद होने का खतरा बना हुआ है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल मुनीर अल-बर्श ने इस हालात को जिंदगी की बुनियादी चीजों का पूरी तरह से टूटना बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ऑक्सीजन उत्पादन में सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों को मरीजों की जिंदगी और मौत को लेकर बेहद कठिन फैसले लेने होंगे। मंत्रालय ने यह भी बताया कि 22 अगस्त 2026 तक लगभग 320 जरूरी दवाइयां पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं, जिससे नवजात शिशुओं और आईसीयू के मरीजों की जान पर सीधा खतरा आ गया है.
निजी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रही है परेशानी
दीर अल-बलह के अल-अक्सा शहादत अस्पताल के डायरेक्टर रैद हुसैन ने भी यह माना है कि इन पाबंदियों के बीच ठीक से इलाज देना बेहद कठिन हो गया है। वहीं शिफा मेडिकल कॉम्प्लेक्स के डॉ. मोहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि अस्पताल ने अपनी डायग्नोस्टिक क्षमता का 80 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है, जिसमें एक्स-रे, सीटी और एमआरआई मशीनें शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन और डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर जैसी मानवतावादी संस्थाओं के अनुसार, लगातार हमलों और मेडिकल सामानों के आने पर रोक लगने की वजह से 36 में से 34 अस्पताल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और 17 अगस्त 2026 तक सिर्फ 18 अस्पताल ही आंशिक रूप से काम कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के कार्यालय (UNOCHA) के अनुसार, गाजा की 2.1 मिलियन यानी 94 प्रतिशत आबादी को इस समय जीवन रक्षक सहायता की सख्त जरूरत है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report और QNA News पर जाकर पढ़ सकते हैं।