Gaza Crisis: गाजा में युद्ध के बीच अपनों की तलाश में जुटे परिवार, हजारों बच्चे और लोग लापता.

Praggya Singh sabal23 August 20263 min read71 viewsWorld
Gaza Crisis: गाजा में युद्ध के बीच अपनों की तलाश में जुटे परिवार, हजारों बच्चे और लोग लापता.

गाजा पट्टी में अक्टूबर 2023 से शुरू हुए संघर्ष के बाद से हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं और यहां रहने वाले परिवार अपने हजारों बच्चों और रिश्तेदारों की तलाश में लगातार भटक रहे हैं। युद्ध की विभीषिका और भारी तबाही के कारण लोग अपने लापता अपनों को ढूंढने के लिए केवल उनकी आखिरी जानकारी पर ही निर्भर रहने को मजबूर हैं। इस भयानक स्थिति ने आम लोगों की जिंदगी को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हर परिवार किसी न किसी अपने की खबर पाने के लिए बेकरार बैठा है।

गाजा में लापता लोगों का बढ़ता आंकड़ा और बचाव कार्य में मुश्किलें

गाजा की Civil Defence एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, इस संघर्ष में 8,000 से ज्यादा लोग अब तक लापता हैं जिनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वहीं दूसरी तरफ, मेडिकल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संघर्ष में कम से कम 73,420 फिलिस्तीनी नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। बच्चों पर इस युद्ध का सबसे बुरा असर पड़ा है, जहां मलबे के नीचे दबे होने के कारण कम से कम 5,160 बच्चे मृत माने जा रहे हैं। फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक करीब 17,000 बच्चे ऐसे पाए गए जो अपने परिवारों से बिछड़ चुके हैं या अकेले रह गए हैं। मलबे को हटाने के लिए जरूरी भारी मशीनरी, आधुनिक उपकरणों और डीएनए टेस्टिंग सुविधाओं की भारी कमी के कारण लापता लोगों की तलाश का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, क्योंकि पूरे इलाके में लगभग 80 मिलियन टन मलबा फैला हुआ है।

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अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों से मदद की गुहार और रेड क्रॉस की भूमिका

परेशान परिवार अब लगातार International Committee of the Red Cross (ICRC) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं। ICRC को लापता लोगों की तलाश के लिए अब तक 5,000 से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं और संस्था परिवारों के साथ साप्ताहिक बैठकें कर रही है ताकि लापता लोगों का डेटा इकट्ठा किया जा सके। कई परिवारों को उम्मीद है कि उनके रिश्तेदार इजरायली हिरासत केंद्रों में बंद हैं, लेकिन ICRC का यह कहना है कि उन्हें अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक हिरासत केंद्रों में जाने की अनुमति नहीं मिली है, जिससे लोगों की सही स्थिति का पता लगाना और भी मुश्किल हो गया है। इस बारे में अधिक जानकारी आप QNA News की रिपोर्ट में देख सकते हैं।

अस्पतालों के पास मिले सामूहिक कब्र और हालिया मानवीय अभियान

इस संकट को और ज्यादा गंभीर बनाते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने विभिन्न अस्पतालों के पास सामूहिक कब्रों का पता लगाया है, जहां कई शवों के साथ अमानवीय बर्ताव के सबूत भी मिले हैं। लापता लोगों के मामलों से निपटने के लिए फरवरी 2026 में Palestinian Center for the Missing and Forcibly Disappeared की स्थापना की गई थी जो लगातार डेटा जुटाने का काम कर रहा है। ICRC द्वारा चलाए गए हालिया मानवीय अभियानों के तहत 4 अगस्त 2026 को 88 बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवारों से मिलाया गया और 10 अगस्त 2026 को 37 रिहा किए गए कैदियों को उनके घर भेजा गया।

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