गाज़ा में युद्ध की वजह से अब मासूम बच्चे भी खतरे में हैं। वहां जन्म लेने वाले बच्चों में जन्मजात बीमारियों और शारीरिक कमियों के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। भूख और इलाज की कमी की वजह से कई बच्चे पैदा होते ही अपनी जान की जंग लड़ रहे हैं। यह स्थिति वहां की गर्भवती महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और बदतर हालातों की वजह से पैदा हुई है।

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गाज़ा में बच्चों की सेहत पर क्या असर पड़ा है?

Gaza Ministry of Health के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में जन्मजात बीमारियों के मामले 2022 के मुकाबले दोगुने हो गए हैं। मृत जन्म यानी stillbirths की दर में 140 प्रतिशत की भारी बढ़ोत्तरी देखी गई है। पिछले साल कुल 457 नवजात बच्चों की मौत हुई, जो युद्ध से पहले की तुलना में 50 प्रतिशत ज़्यादा है। डॉक्टरों के मुताबिक, अब 1,000 जीवित जन्मों पर मौत का आंकड़ा 9 से बढ़कर लगभग 35 तक पहुंच गया है।

बच्चों में ये बीमारियां क्यों बढ़ रही हैं?

Nasser Hospital के डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इस संकट के पांच मुख्य कारण बताए हैं। इनमें व्यापक भूख, स्वास्थ्य सेवाओं में भारी गिरावट, बहुत ज़्यादा भीड़, पीने के गंदे पानी का इस्तेमाल और जलती लकड़ियों का धुआं शामिल है। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, 95 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं पोषण की कमी से जूझ रही हैं। UNICEF ने चेतावनी दी है कि गंभीर कुपोषण की वजह से गर्भ में पल रहे बच्चों के विकास को ऐसा नुकसान पहुंचा है जिसे ठीक करना नामुमकिन है।

डॉक्टरों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या बताया?

  • Dr. Hatem Edhair: युद्ध के शुरुआती चार महीनों में 170 से ज़्यादा बच्चों में शारीरिक विकृतियां मिलीं, जिनमें फेफड़ों और खोपड़ी का कम विकसित होना शामिल है।
  • UNFPA: मई 2025 के अनुमान के अनुसार, करीब 11,000 गर्भवती महिलाएं अकाल के खतरे में थीं।
  • Medical Aid for Palestinians: तनाव, हाई ब्लड प्रेशर और एनीमिया की वजह से गर्भवती महिलाओं में गर्भपात का खतरा काफी बढ़ गया है।
  • Physicians for Human Rights: युद्ध के सदमे, भुखमरी और स्वास्थ्य सेवाओं के पूरी तरह ठप होने से स्थिति और भी खराब हो गई है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.