गाजा में शांति प्रयास फेल, इस्राइली हमलों में 14 साल के बच्चे की मौत और बढ़ा तनाव

Nura Basta17 August 20262 min read74 viewsWorld
गाजा में शांति प्रयास फेल, इस्राइली हमलों में 14 साल के बच्चे की मौत और बढ़ा तनाव

गाजा पट्टी में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं और शांति के सभी प्रयास धरे के धरे रह गए हैं। फलस्तीनी लोगों का कहना है कि अमेरिका की मदद से तैयार किए गए 15-point peace roadmap को लागू करने की कोशिशों के बाद भी जमीन पर कोई सुधार नहीं दिखा है। इस जारी हिंसा के बीच खान यूनिस में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां इस्राइली सेना की कार्रवाई में एक 14-year-old boy सुहैल मसूद शलौफ की जान चली गई।

खान यूनिस में हुई मासूम की मौत

यह दुखद घटना 15 अगस्त को खान यूनिस में अल-टीना स्ट्रीट के पास हुई। फलस्तीनी रेड क्रिसेंट ने इस किशोर की मौत की पुष्टि की है। इस घटना से यह साफ पता चलता है कि आम इलाकों में हालात कितने खतरनाक बने हुए हैं। लगातार हो रही भारी गोलीबारी और हवाई हमलों की वजह से आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है। अल-अक्सा यूनिवर्सिटी के पास विस्थापित लोगों के लिए बनाए गए तंबुओं के कैंप को भी इन हमलों में निशाना बनाया गया है, जिससे वहां रह रहे बेघर लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई हैं।

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नेतन्याहू का रुख और शांति प्रस्ताव पर गतिरोध

एक तरफ हमास ने अमेरिका की ओर से रखे गए स्थाई संघर्ष विराम और इस्राइली सेना की वापसी के प्रस्ताव को स्वीकार करने के संकेत दिए हैं, तो वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu इस योजना को मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मुलाकात अमेरिकी दूत Jared Kushner से हुई थी, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि जब तक हमास को पूरी तरह से हथियारों से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक इस्राइली सेना गाजा पट्टी को नहीं छोड़ेगी। इस समय इस्राइली सैनिकों का गाजा के लगभग 60% हिस्से पर कब्जा बना हुआ है।

खाड़ी देशों की कड़ी प्रतिक्रिया

इस आपसी गतिरोध और शांति प्रक्रिया के रुकने पर खाड़ी के कई बड़े देशों ने गहरी नाराजगी जताई है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE और पाकिस्तान जैसे देशों ने इस्राइल सरकार की तीखी आलोचना की है। इन देशों का आरोप है कि इस्राइल सरकार ही शांति स्थापित करने के रास्तों में रुकावटें पैदा कर रही है। अमेरिका के प्रतिनिधि अभी भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने और हथियारों को हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

गाजा संघर्ष का अब तक का मानवीय संकट

गाजा में जंग की वजह से मानवीय संकट बहुत ज्यादा गहरा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, October 2023 में जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से लेकर अब तक 73,000 से ज्यादा फलस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके अलावा, अक्टूबर 2025 के एक पुराने संघर्ष विराम समझौते के होने के बावजूद, बाद के महीनों में 1,200 से अधिक नई मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि इलाके की सुरक्षा कितनी कमजोर हो चुकी है और मौजूदा शांति योजनाएं लगातार नाकाम साबित हो रही हैं।

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