Gaza Shelter Crisis: गाजा में 19.8 लाख लोग तंबू और मेकशिफ्ट शेल्टर में रहने को मजबूर, हालात अत्यंत गंभीर.

गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है और वहां के 1.98 मिलियन यानी करीब 94 प्रतिशत फलस्तीनी नागरिक इस समय गंभीर आश्रय संकट का सामना कर रहे हैं। शेल्टर क्लस्टर द्वारा जारी की गई एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा भयानक स्थिति में जीने को मजबूर है और उन्हें तुरंत बुनियादी घरेलू सामान तथा रहने के लिए सुरक्षित जगह की सख्त जरूरत है। यह डेटा हाल ही में किए गए सर्वे और इंटरव्यू के आधार पर सामने आया है जिसमें लोगों की दयनीय स्थिति का खुलासा हुआ है।
गाजा में गंभीर आश्रय और जीवन की स्थिति
शेल्टर क्लस्टर की रिपोर्ट "Exposed on all sides: Shelter Severity and Household Needs Across Accessible Areas of Gaza (August 2026)" के मुताबिक, गाजा की लगभग दो-तिहाई आबादी इस समय केवल तंबू या मेकशिफ्ट शेल्टरों में रहने को मजबूर है। अध्ययन में शामिल 1,951 परिवारों के डेटा से पता चला है कि 80 प्रतिशत से अधिक घरों के हालात बेहद खतरनाक और गंभीर श्रेणी में आते हैं। इन परिवारों के पास खाना पकाने, कपड़े धोने और सोने के लिए जरूरी सामान, ईंधन और ऊर्जा जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है।
पर्यावरण से जुड़ी समस्याएं भी इन इलाकों में आम हो चुकी हैं। लगभग 98 प्रतिशत परिवारों ने बताया कि उनके घर सीवेज, मलबे, आवारा कुत्तों या ठोस कचरे के बेहद करीब स्थित हैं। इसके अलावा, 89 प्रतिशत परिवारों ने अपने आश्रयों के अंदर चूहों और कृन्तकों की मौजूदगी की शिकायत की है। पिछले 2025-2026 की सर्दियों के दौरान 71 प्रतिशत परिवारों को बाढ़ का सामना करना पड़ा था, जिससे उनकी मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गईं। सहायता सामग्री की भारी कमी के कारण स्थिति और भी बदतर हो गई है, क्योंकि अध्ययन से पहले के एक महीने में केवल 10 में से 1 परिवार को ही कोई सहायता मिल पाई थी, और जून तक तंबू तथा कंबल का स्टॉक भी लगभग खत्म हो चुका था।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और फंडिंग की कमी
नेशनल शेल्टर क्लस्टर कोऑर्डिनेटर Jehan Salim ने बताया कि घरों की मरम्मत और बेहतर जीवन स्थितियों के लिए जरूरी सामग्री आवश्यक मात्रा में गाजा के अंदर नहीं पहुंच पा रही है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने जानकारी दी कि मानवीय साझेदारों का अनुमान है कि स्थिति सुधारने के लिए $562 मिलियन की आवश्यकता है, लेकिन OCHA की 2026 की $4 अरब की फ्लैश अपील मई तक केवल 12 प्रतिशत ही फंड हो पाई थी। वहीं, फलस्तीनी लोगों के अधिकारों के समर्थन के लिए बने अंतरराष्ट्रीय आयोग के प्रमुख डॉ. सालाह अब्देलती ने नागरिकों के चल रहे विस्थापन और उन्हें निशाना बनाए जाने को युद्ध अपराध करार दिया है।
यूएनआरडब्ल्यूए (UNRWA) की रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में 82 प्रतिशत संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और उनमें से दो-तिहाई पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। इस बीच, Médecins Sans Frontières (MSF) संगठन ने इजरायली मिलिट्री एडवोकेट जनरल द्वारा 20 अगस्त को एमएसएफ के कर्मचारियों और सुविधाओं पर हुए हमलों के मामलों को बिना किसी औपचारिक आपराधिक जांच के बंद करने के फैसले की कड़ी निंदा की है। संघर्ष लगातार जारी है और यूएन एजेंसियों के मुताबिक हवाई हमले तथा गोलीबारी अभी भी रुक नहीं रही है। अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से 1,250 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें हाल ही में मलबे से निकाले गए 50 लोग भी शामिल हैं, जिनमें 19 बच्चे थे जिन्हें 20 अगस्त 2026 को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं।