गाजा में फिर भड़की हिंसा, इस्राइली सैन्य अभियानों में दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत और चार घायल.

गाजा पट्टी में हिंसा का दौर लगातार जारी है और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। Palestinian Ministry of Health ने पिछले दिनों यह जानकारी दी है कि पिछले 48 घंटों के दौरान हुए इस्राइली सैन्य अभियानों में कम से कम दो फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस ताजा हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की चिंता को और बढ़ा दिया है क्योंकि क्षेत्र में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ है और शांति बहाल करने के प्रयास लगातार प्रभावित हो रहे हैं।
शांति योजना और संघर्ष की असल तस्वीर
यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका समर्थित शांति योजना पर बहुत बड़ा संकट मंडरा रहा है। यह योजना एक 20-पॉइंट फ्रेमवर्क के तहत बनाई गई थी और इसे UN Security Council Resolution 2803 का समर्थन भी प्राप्त था। लेकिन जमीनी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इससे पहले 18 अगस्त 2026 को गाजा सिटी के एक कैफे को निशाना बनाकर इस्राइली हवाई हमला किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों के नए आंकड़ों के अनुसार, उस हमले में एक नाबालिग समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई थी। Israel Defense Forces (IDF) का यह कहना था कि शाती इलाके में यह कार्रवाई उन हमास सदस्यों को बेअसर करने के लिए की गई थी जो कथित तौर पर हमलों की योजना बना रहे थे।
मध्यस्थ देशों की कड़ी चेतावनी और पुनर्निर्माण के कार्य
बढ़ते तनाव को देखते हुए तुर्की, कतर और मिस्र के मध्यस्थों ने मिलकर 20 अगस्त 2026 को एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में हमलों की इस नई लहर की कड़ी निंदा की गई। मध्यस्थों ने चेतावनी दी कि महिलाओं और बच्चों की जान लेने वाले ये हमले संघर्ष विराम की स्थिरता को खतरे में डाल रहे हैं। इसके अलावा इससे पुनर्निर्माण के कामों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। अमेरिकी दूत Jared Kushner पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि गाजा का पुनर्निर्माण पूरी तरह से वहां से हथियार हटाने यानी पूर्ण सैन्यमुक्ति पर निर्भर करता है। इस पूरी स्थिति की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष का दायरा केवल गाजा तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर वेस्ट बैंक में भी देखने को मिला है। हाल ही में जेनिन शहर में हुई हिंसा के दौरान 21 अगस्त को 17 साल के करीम सनद राजा शलालदेह और 58 साल के फाथी खाजेम की भी जान चली गई। इन लगातार होती घटनाओं से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।