गाज़ा की घेराबंदी खत्म करने के लिए निकले Global Sumud Flotilla के 30 से ज़्यादा जहाज़ अब तुर्की के Marmaris तट पर पहुँच गए हैं। इस मिशन के दौरान इसराइल ने बीच समुद्र में कई नावों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। अब ये दल अपनी अगली रणनीति बनाने के लिए तुर्की में इकट्ठा हुआ है और दुनिया को अपनी योजना बताएगा।

इसराइल ने बीच समुद्र में क्यों रोका रास्ता और क्या हुआ?

अप्रैल के आखिर में इस मिशन को लेकर काफी तनाव देखा गया। 29 और 30 अप्रैल को इसराइली सेना ने ग्रीस के Crete द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय पानी में कम से कम 22 नावों को रोका था। इस दौरान करीब 175 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने इस फ्लोटिला पर प्रतिबंध लगा दिए और दावा किया कि इसे Hamas संगठन और कुछ अंतरराष्ट्रीय ग्रुप्स ने मिलकर चलाया है।

  • हिरासत और प्रताड़ना: हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में Saif Abukeshek और Thiago Ávila जैसे नाम शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट और यौन हिंसा हुई।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: तुर्की के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया। Amnesty International ने भी हिरासत में लिए गए लोगों की सुरक्षा पर चिंता जताई और इसराइल से घेराबंदी खत्म करने को कहा।
  • इसराइल का तर्क: इसराइल ने कहा कि मानवीय मदद केवल Ashdod पोर्ट के जरिए ही भेजी जा सकती है और नावों को अपना रास्ता बदलना चाहिए था।

अब आगे क्या होगा और कार्यकर्ताओं की क्या स्थिति है?

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, इसराइल ने ब्राजील के नागरिक Thiago de Avila और स्पेनिश कार्यकर्ता Saif Abukeshek को रिहा कर दिया है और उन्हें उनके देशों में वापस भेज दिया है। इस बीच, फ्लोटिला के 30 से ज़्यादा जहाज़ 8 मई को तुर्की के लिए निकले थे और अब मार्मारिस पहुँच चुके हैं।

  • बड़ी मीटिंग: 10 और 11 मई को Marmaris में एक अंतरराष्ट्रीय सभा और कानूनी चर्चा आयोजित की जा रही है।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस: 12 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी जिसमें सरकारों की प्रतिबद्धता, कानूनी रास्तों और मिशन के अगले चरण की जानकारी दी जाएगी।
  • उद्देश्य: इस मिशन का मुख्य लक्ष्य गाज़ा की घेराबंदी को तोड़कर वहां मानवीय मदद पहुँचाना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Global Sumud Flotilla क्या है?

यह मानवीय सहायता और कार्यकर्ताओं का एक अंतरराष्ट्रीय समूह है, जिसमें Freedom Flotilla Coalition और Global Movement to Gaza जैसे संगठन शामिल हैं। इसका मकसद गाज़ा की घेराबंदी को चुनौती देना है।

हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का क्या हुआ?

इसराइल ने 175 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। हाल ही में Thiago de Avila और Saif Abukeshek को रिहा कर वापस भेज दिया गया है, हालांकि कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com