Gaza में डॉक्टरों ने बिना एनेस्थीसिया के की पांच साल की बच्ची के पैर की सर्जरी, अस्पताल में नहीं बची कोई दवाइयां

गाजा से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन ने बिना एनेस्थीसिया के पांच साल की एक छोटी बच्ची के पैर का ऑपरेशन किया। Dr. Mark Perlmutter ने इस खौफनाक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि अस्पताल में मेडिकल सप्लाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी, जिसके कारण डॉक्टरों को बिना किसी सुन्न करने वाली दवा के ही बच्ची की सर्जरी करनी पड़ी। इस मुश्किल हालात में बच्ची होश में थी और दर्द से कराह रही थी, जिसे चुप कराने और सांत्वना देने के लिए मेडिकल स्टाफ ने ऑपरेशन के दौरान उसे गाने सुनाए। यह घटना गाजा के बिगड़ते स्वास्थ्य ढांचे और मानवीय संकट की सच्चाई को बयां करती है, जहां डॉक्टर अक्सर कुपोषित मरीजों का इलाज बहुत ही सीमित और जुगाड़ वाले संसाधनों के बीच करने को मजबूर हैं।
गाजा में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
गाजा के अस्पतालों में जरूरी दवाओं, फ्यूल और स्पेयर पार्ट्स की भारी कमी के कारण पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। मानवीय सहायता संगठनों जैसे Médecins Sans Frontières ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में जानबूझकर मेडिकल सप्लाई को रोका जा रहा है, जिससे हालात और ज्यादा बदतर हो गए हैं। ReliefWeb की रिपोर्ट के अनुसार, जरूरी सामानों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य केंद्र बुनियादी सेवाएं देने में भी पूरी तरह असमर्थ हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक हजारों आम नागरिकों और बच्चों को अपने शरीर के अंगों से हाथ धोना पड़ा है और कई लोगों के पैर या हाथ काटने पड़े हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO लगातार उन मरीजों का डेटा जुटा रहा है जो गंभीर हालत में हैं और जिन्हें इलाज के लिए तुरंत गाजा से बाहर ले जाने की सख्त जरूरत है। गाजा में स्पेशलाइज्ड मेडिकल केयर यानी विशेष उपचार की क्षमताएं लगभग खत्म हो चुकी हैं, जिससे हर दिन हजारों मरीजों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। इस युद्ध के बीच आम लोगों और घायल बच्चों को समय पर सही इलाज न मिलना सबसे बड़ी मानवीय त्रासदी बन चुका है, जहां डॉक्टर भी बेबस होकर बिना संसाधनों के लोगों की जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।