Gaza War: 260 से ज्यादा पत्रकार मारे गए, अब नए युवा संभाल रहे हैं जिम्मेदारी, मीडिया एक्सेस के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

गजा में चल रहे युद्ध ने पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक जगह बना दिया है। यहाँ अब तक सैकड़ों पत्रकार अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन खबरों को दुनिया तक पहुँचाने का जज्बा कम नहीं हुआ है। अब नए और युवा लोग बिना किसी ट्रेनिंग के मैदान में उतर रहे हैं ताकि आम लोगों की कहानियाँ दुनिया तक पहुँच सकें।

कितने पत्रकारों ने गजा में अपनी जान गंवाई?

अलग-अलग संस्थाओं ने पत्रकारों की मौत के अलग-अलग आंकड़े दिए हैं। इसे समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:

संस्था का नाम मृतकों की संख्या तारीख/अपडेट
UN Human Rights Office 294 10 अप्रैल 2026
Gaza Govt Media Office 262 8 अप्रैल 2026
Al Jazeera English 260 से ज्यादा 16 अप्रैल 2026
International Federation of Journalists 262 तक 9 अप्रैल 2026
Committee to Protect Journalists 192 (184 फिलिस्तीनी) 10 अगस्त 2025

अंतरराष्ट्रीय कानून और मीडिया एक्सेस का क्या नियम है?

अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून (IHL) के आर्टिकल 79 के मुताबिक, युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों को नागरिक माना जाता है और उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1738 और 2222 में भी पत्रकारों पर हमलों की कड़ी निंदा की गई है और उन्हें सुरक्षा देने की बात कही गई है।

हाल ही में 15 अप्रैल 2026 को CPJ, RSF और अन्य संस्थाओं ने इजरायली सुप्रीम कोर्ट में एक इमरजेंसी याचिका दायर की है। उन्होंने मांग की है कि विदेशी पत्रकारों को गजा में स्वतंत्र रूप से जाने और रिपोर्टिंग करने की अनुमति दी जाए।

नए पत्रकारों की चुनौती और हालिया मौतें

Al Jazeera के पत्रकार Hani Mahmoud ने बताया कि अब युवाओं की एक नई पीढ़ी सामने आ रही है। ये युवा बिना किसी पेशेवर ट्रेनिंग के भी अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं ताकि गजा के हालात दुनिया के सामने आ सकें।

8 अप्रैल 2026 को Al Jazeera Mubasher के पत्रकार Mohammed Washah एक हवाई हमले में मारे गए। इस घटना के बाद UNESCO और UN मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने कड़ी नाराजगी जताई है। International Federation of Journalists (IFJ) ने इस मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में शिकायत दर्ज कराई है।