गाजा में पानी और सीवेज सिस्टम होने वाला है पूरी तरह फेल, लोगों के सामने आई बड़ी मुसीबत.

गाजा पट्टी के नगर पालिकाओं ने 18 अगस्त 2026 को एक बड़ी चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि क्षेत्र की पानी और सीवेज व्यवस्था पूरी तरह से बैठने वाली है। इस जरूरी व्यवस्था के फेल होने से इलाके में एक बहुत बड़ा स्वास्थ्य और पर्यावरण संकट पैदा हो सकता है, क्योंकि गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और लोगों के सामने पीने के पानी की भारी कमी हो गई है। बुनियादी ढांचे की हालत पहले से ही बहुत खराब है और 10 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक गाजा नगरपालिका का लगभग 90 प्रतिशत पानी और साफ-सफाई का ढांचा या तो पूरी तरह तबाह हो चुका है या बहुत ज्यादाdamaged है।
वैज्ञानिक सर्वे और पानी की भारी किल्लत
हाल ही में सामने आई वैज्ञानिक रिपोर्टों से इस संकट की गंभीरता साफ पता चलती है। 18 अगस्त 2026 को पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक, उत्तरी गाजा के 11 इमरजेंसी कैंपों से लिए गए पानी के नमूनों में से 35 प्रतिशत सैंपल विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, इन कैंपों में रहने वाले 42 प्रतिशत परिवारों ने पिछले महीने पेट की बीमारियों और संक्रमण की शिकायत की। संयुक्त राष्ट्र यानी UN ने पहले ही रिपोर्ट दी थी कि इस क्षेत्र में 13 लाख से ज्यादा लोगों को रोजाना प्रति व्यक्ति 6 लीटर से भी कम पानी मिल रहा है। इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी ReliefWeb Report पर देखी जा सकती है।
डिप्लोमैटिक स्तर पर समाधान की कोशिशें
इस संकट से निपटने के लिए अब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत और काम शुरू हो गया है। इस सिलसिले में 17 अगस्त 2026 को इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिका के राष्ट्रपति के दूत Jared Kushner के बीच एक वर्किंग ग्रुप बनाने पर सहमति बनी है। यह ग्रुप गाजा में साफ-सफाई, शुद्ध पानी और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर काम करेगा। फिलिस्तीनी जल प्राधिकरण ने पहले ही नेटवर्क को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की बात कही थी और गाजा पट्टी के नगर निगमों ने जनरेटर और सीवेज स्टेशनों को चलाने के लिए जरूरी डीजल, इंडस्ट्रियल ऑयल और स्पेयर पार्ट्स की कमी से होने वाले खतरों के प्रति पहले ही आगाह किया था।