खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने अपने सफर के बेहद सफल 45 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने संगठन के सदस्य देशों के नेताओं को अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं। उन्होंने इस छह देशों वाले मजबूत संगठन की एकता और हर तरह की चुनौतियों का सामना करने की ताकत की जमकर तारीफ की है। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक दिन को पूरे खाड़ी क्षेत्र में गर्व के साथ मनाया जा रहा है।
अरब संसद के अध्यक्ष ने क्यों की GCC की तारीफ?
अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बिन अहमद अल यामाही ने अपने संदेश में कहा कि GCC ने विकास, सुरक्षा और स्थिरता के मामले में बेहतरीन काम किया है। उन्होंने बताया कि यह संगठन पूरे अरब क्षेत्र के लिए आपसी तालमेल का एक शानदार और अनोखा मॉडल बनकर उभरा है। उनके अनुसार, राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े मामलों में इन देशों के आपसी तालमेल ने खाड़ी देशों के नागरिकों के हितों को हमेशा आगे रखा है और अरब जगत की सुरक्षा को मजबूत किया है।
GCC महासचिव ने संस्थापक नेताओं को किया याद
इस अवसर पर GCC के महासचिव अल बुदैवी ने भी संगठन के सफर पर खुशी और गर्व जताया है। उन्होंने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर हैं, वह हमारे संस्थापक नेताओं की दूरगामी सोच और समझ का नतीजा है। उनकी वजह से ही आज यह संगठन एकजुटता और विकास का एक बड़ा उदाहरण बन पाया है। अधिकारियों ने बताया कि यह 45वीं वर्षगांठ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के उनके संकल्प को दोहराती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC की स्थापना कब हुई थी?
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की स्थापना 25 मई 1981 को हुई थी। इस लिहाज से 25 मई 2026 को इसके गठन के 45 साल पूरे हो गए हैं।
GCC संगठन में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
इस संगठन में कुल छह खाड़ी देश शामिल हैं। इन देशों के नाम सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान हैं।