GCC देशों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने सामान भेजने के रास्तों को बदल दिया है। अब जहाजों को होर्मुज की जगह लाल सागर (Red Sea) और अरब सागर (Arabian Sea) के बंदरगाहों की तरफ भेजा जा रहा है। यह फैसला दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है ताकि क्षेत्रीय तनाव का असर आम लोगों की थाली पर न पड़े।

👉: Dubai Airport पर अब बिना पासपोर्ट-वीज़ा के होगा सफर, ‘Red Carpet’ सिस्टम से चंद सेकंड में होगी क्लियरेंस

GCC ने शिपिंग रूट बदलने का फैसला क्यों लिया?

GCC के महासचिव Jassim Al-Budaiwi ने बताया कि यह फैसला क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि 28 फरवरी 2026 से पिछले 45 दिनों के दौरान ईरान और उससे जुड़े समूहों ने GCC देशों पर करीब 7,000 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के आने-जाने में हो रही रुकावटों की वजह से सप्लाई चेन खतरे में पड़ गई थी। महासचिव ने कहा कि समुद्री रास्तों को बंद करने की धमकी देना पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने जैसा है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

इस नए इंतजाम से आम लोगों और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा?

इस बदलाव का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खाद (fertilizers) और खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई न रुके। कुवैत के राजदूत Meshal Mustafa J Al-Shemali ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आती है, तो ऊर्जा बाजार अस्थिर हो जाएगा और शिपिंग व बीमा का खर्च बढ़ जाएगा। इससे दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को खतरा हो सकता था। अब नए रास्तों के जरिए सामान भेजने के लिए GCC देशों ने कस्टम और लॉजिस्टिक्स की प्रक्रियाओं को आसान बना दिया है ताकि जरूरी सामान बिना किसी देरी के पहुंच सके।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय और नियमों का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का स्वागत किया गया है, जिसमें समुद्री नेविगेशन पर हमलों की निंदा की गई थी। GCC देशों ने साफ किया कि वे 1982 के UN कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी और UN चार्टर का पालन करेंगे। इस रणनीतिक बैठक में इटली के उप प्रधानमंत्री Antonio Tajani और क्रोएशिया के विदेश मंत्री Gordan Radman ने भी हिस्सा लिया और इन कदमों पर चर्चा की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC देशों ने जहाजों का रास्ता क्यों बदला है?

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और उससे जुड़े समूहों द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण समुद्री रास्ता असुरक्षित हो गया था, इसलिए खाद्य सुरक्षा बचाने के लिए लाल सागर और अरब सागर के रास्तों को चुना गया है।

इस बदलाव से किन चीजों की सप्लाई पर असर पड़ेगा?

इस कदम का मुख्य उद्देश्य खाने-पीने की जरूरी चीजों, खाद (fertilizers) और ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com