संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के खिलाफ मीडिया में चल रही गलत खबरों को लेकर GCC और Arab Parliament ने कड़ी नाराजगी जताई है। इन संस्थाओं ने साफ किया कि बिना किसी सबूत के फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उनका मकसद दोनों देशों की साख को नुकसान पहुंचाना और इलाके की शांति को बिगाड़ना है।
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Arab Parliament ने जताई आपत्ति
Arab Parliament के स्पीकर Mohammed bin Ahmed Al Yamahi ने इन मीडिया रिपोर्ट्स की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये दावे बिना किसी सच्चाई और वस्तुनिष्ठता के किए गए हैं। Al Yamahi ने बताया कि इन खबरों का उद्देश्य UAE और Qatar की उस भूमिका को कम करना है, जिससे ये देश अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता में मदद कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की बातें लोगों में भ्रम फैलाती हैं और अरब देशों की एकता के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि Arab Parliament किसी भी तरह के दुष्प्रचार और फूट डालने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा।
GCC ने बताया निराधार
GCC के सेक्रेटरी जनरल Jasem Mohamed Albudaiwi ने भी इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने इन खबरों को ‘दुर्भावनापूर्ण’ और ‘बिना दस्तावेजी सबूत’ वाला बताया। Albudaiwi ने कहा कि इन दावों का कोई आधार नहीं है और ये सिर्फ दोनों देशों की रचनात्मक भूमिका पर शक पैदा करने के लिए फैलाई गई हैं। उन्होंने साफ किया कि GCC सदस्य देशों की एकता बहुत मजबूत है और किसी भी मीडिया कैंपेन से इस एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि UAE और Qatar ने कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए विवादों को सुलझाने में एक मिसाल पेश की है। GCC ने साफ कर दिया कि वह अपने सदस्य देशों के सम्मान और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।