खाड़ी देशों के संगठन GCC ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक नया प्रस्ताव पास किया जाए। GCC के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने न्यूयॉर्क में हुई एक बैठक के दौरान कहा कि खाड़ी देश शांति और सुरक्षा चाहते हैं लेकिन समुद्री रास्ते में बढ़ती रुकावटें चिंता का विषय हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक महीने में इस समुद्री रास्ते से जहाजों का निकलना 95% तक कम हो गया है जिससे पूरी दुनिया के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।

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सुरक्षा परिषद में GCC की मुख्य मांगें क्या हैं?

GCC देशों ने मांग की है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की आजादी मिलनी चाहिए। बहरीन ने इस मामले में पहले ही एक ड्राफ्ट तैयार किया है जिसमें समुद्री व्यापार को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त पाबंदियां लगाने की बात कही गई है। 11 मार्च 2026 को सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पास करके ईरान की उन हरकतों की निंदा की थी जिनसे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।

व्यापार और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस मंगवाता है। अगर यहाँ जहाजों का आना-जाना बंद रहता है तो खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए जरूरी सामान और ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं। UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार समुद्री ट्रैफिक लगभग रुकने की कगार पर है जिससे आने वाले समय में सप्लाई चेन पर गहरा संकट आ सकता है।

तारीख प्रमुख घटनाक्रम
11 मार्च 2026 UNSC ने ईरान की निंदा करते हुए प्रस्ताव 2817 पास किया
21 मार्च 2026 बहरीन ने सुरक्षा के लिए नया ड्राफ्ट पेश किया
1 अप्रैल 2026 समुद्री ट्रैफिक में 95% की गिरावट दर्ज हुई
2 अप्रैल 2026 GCC चीफ ने UN से सुरक्षा की नई गारंटी मांगी
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com