गल्फ सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम अल-बुदैवी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के बर्ताव को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अपनी ब्रीफिंग के दौरान साफ कहा कि गल्फ क्षेत्र में ईरान की तरफ से होने वाली अस्थिरता अब सभी हदें पार कर चुकी है। इस तनाव की वजह से गल्फ देशों की सुरक्षा और शांति खतरे में है और इसे रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।

GCC चीफ ने UN में उठाई सुरक्षा की मांग

जसीम अल-बुदैवी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने ईरान की तरफ से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। उनके मुताबिक ये हमले गल्फ देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं।

  • ईरान पर गल्फ देशों के खिलाफ सीधा हमला करने का आरोप लगाया गया है।
  • आम लोगों और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की बात कही गई है।
  • गल्फ देशों ने मांग की है कि ईरान के साथ किसी भी भविष्य के समझौते में उन्हें जरूर शामिल किया जाए।
  • बहरीन ने सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे।

होर्मुज जलडमरूमध्य और ग्लोबल सप्लाई पर चिंता

GCC चीफ ने बताया कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है जिससे व्यापारिक जहाजों और तेल के टैंकरों का निकलना मुश्किल हो गया है। यह केवल इस इलाके की समस्या नहीं है बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता की बात है क्योंकि इससे तेल, गैस और खाद की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।

देश/संस्था प्रतिक्रिया और रुख
अमेरिका बहरीन के सुरक्षा प्रस्ताव का समर्थन किया।
रूस और चीन प्रस्ताव का विरोध किया और बातचीत से हल निकालने को कहा।
UN महासचिव क्षेत्र में बड़े युद्ध की संभावना को लेकर चेतावनी दी।
ब्रिटेन करीब 40 देशों के साथ मिलकर रास्ता खोलने की मांग की।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी आगाह किया है कि मिडिल ईस्ट का यह झगड़ा एक बड़े युद्ध का रूप ले सकता है। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है ताकि हालात और न बिगड़ें।