लाल सागर के प्रवेश द्वार यानी Bab al-Mandab Strait पर सुरक्षा को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान और हूती मिलिशिया की धमकियों के खिलाफ तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। यह इलाका समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए दुनिया भर में सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में गिना जाता है।
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ता तनाव
बीते 22 जुलाई 2026 को जारी अपने बयान में GCC प्रमुख ने साफ कहा कि हूतियों की ओर से इस रास्ते को बंद करने की धमकियां सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय जहाजों और क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल रही हैं। Kuwait News Agency (KUNA) की रिपोर्ट के अनुसार, US Navy के नेतृत्व वाले Joint Maritime Information Center (JMIC) ने पहले ही चेतावनी दी है कि हूती गुट ने मिसाइलों और ड्रोन के साथ जहाजों को निशाना बनाने की तैयारी कर ली है।
जहाजों के लिए नई एडवाइजरी
इस बढ़ते खतरे के चलते European Union के नौसैनिक मिशन Aspides ने इजरायल, अमेरिका या सऊदी अरब से जुड़े व्यापारिक जहाजों को Red Sea और Gulf of Aden के रास्ते से बचने की सलाह दी है। यह कदम तब उठाया गया जब हूतियों ने 21 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री एम्बार्गो का ऐलान किया था। Saudi-led Coalition ने भी अपने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम शुरू कर दिए हैं और इसे समुद्री डकैती के समान बताया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी स्पष्ट किया है कि अगर Bab al-Mandab को बंद करने की कोशिश की गई, तो वाशिंगटन इसका जवाब देगा।
