खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने अपने स्थापना के 45 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर जीसीसी के महासचिव जसैम मोहम्मद अलबुदैवी (Jasem Mohamed Albudaiwi) ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने जीसीसी को एकता और सहयोग का एक बड़ा प्रतीक बताया है। महासचिव ने कहा कि इस संगठन ने अपने सफर के दौरान कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं जो खाड़ी देशों के विकास में सहायक रही हैं।
जीसीसी के 45 साल पूरे होने पर महासचिव ने क्या कहा?
महासचिव जसैम मोहम्मद अलबुदैवी ने अपने संबोधन में कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद एकता की एक मिसाल है। 25 मई 2026 को इसके गठन के 45 साल पूरे होने के अवसर पर उन्होंने सभी सदस्य देशों को बधाई दी। उन्होंने खाड़ी देशों के बीच आपसी भाईचारे और तालमेल की सराहना करते हुए कहा कि एकजुटता की वजह से ही आज यह क्षेत्र दुनिया भर में एक मजबूत आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।
खाड़ी क्षेत्र के विकास में जीसीसी की मुख्य भूमिकाएं
जीसीसी की स्थापना खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके अंतर्गत सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन जैसे देश शामिल हैं।
- सुरक्षा और स्थिरता: यह संगठन सदस्य देशों की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करता है।
- आर्थिक नीतियां: व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए जीसीसी लगातार आसान नियम और नीतियां लागू करता रहा है।
- प्रवासियों के लिए अहम: इन खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं, इसलिए जीसीसी के फैसले उनके रोजगार और वीजा नियमों पर भी सीधा असर डालते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जीसीसी (GCC) के वर्तमान महासचिव कौन हैं?
जीसीसी के वर्तमान महासचिव जसैम मोहम्मद अलबुदैवी (Jasem Mohamed Albudaiwi) हैं, जिन्होंने इस 45वें स्थापना दिवस पर विशेष संदेश जारी किया है।
जीसीसी संगठन में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान देश शामिल हैं।