गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने सऊदी अरब के खिलाफ हुती समूह द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। GCC ने इन आरोपों को झूठ और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि यह हुती समूह की अपनी जिम्मेदारियों से बचने की एक नाकाम कोशिश है। परिषद के महासचिव Jassim Mohammed Al-Budaiwi ने साफ किया है कि इस तरह के बयानों से सऊदी अरब के प्रति लोगों का भरोसा नहीं डगमगाएगा।
सऊदी अरब की भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा
GCC महासचिव ने जोर देकर कहा कि सऊदी अरब लगातार यमन में शांति, स्थिरता और राजनीतिक समाधान के लिए काम कर रहा है। सऊदी अरब द्वारा यमन के लोगों को दी जाने वाली मानवीय मदद और राहत सामग्री उसके जिम्मेदार होने का सबूत है। इन झूठे आरोपों का मकसद सिर्फ तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना है, जबकि हुती गुट की अपनी हरकतों ने यमन की जनता का दुख और संकट बढ़ाया है।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का मुद्दा
Jassim Mohammed Al-Budaiwi ने समुद्री सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी भी तरह की दखलअंदाजी अंतरराष्ट्रीय कानूनों, जैसे कि यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी का सीधा उल्लंघन है। परिषद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इन खतरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाएं और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को लागू करने के लिए मिलकर काम करें ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके।
