GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने 22 जुलाई 2026 को लाल सागर (Red Sea) में समुद्री नेविगेशन को खतरे में डालने वाली Houthi गतिविधियों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सऊदी अरब पर लगाए गए Houthi के आरोपों को पूरी तरह से गलत और आधारहीन बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की हरकतें यमन के लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं और क्षेत्रीय शांति को बिगाड़ रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
GCC महासचिव ने साफ किया कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा और व्यापार की आजादी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाना UNCLOS (United Nations Convention on the Law of the Sea) और UN Security Council के प्रस्तावों, खासकर Resolution 2216 और Resolution 2722 के खिलाफ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन धमकियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है।
सऊदी अरब के साथ एकजुट हुआ विश्व
सऊदी अरब के समर्थन में UAE, पाकिस्तान, अरब लीग, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत और कतर जैसे कई देशों ने अपनी आवाज उठाई है। United Nations के एक शीर्ष अधिकारी ने भी Houthi की बढ़ती धमकियों पर चिंता जताई है। सऊदी कैबिनेट ने भी स्पष्ट किया है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में अपने देश और समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सऊदी विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर स्पेन, इटली और जर्मनी के अपने समकक्षों के साथ भी चर्चा की है।
