UAE में आतंकी साजिश नाकाम, GCC ने की कड़ी निंदा, ईरान और हिज्बुल्ला से जुड़े नेटवर्क का हुआ भंडाफोड़

गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को निशाना बनाने वाली आतंकी साजिश की कड़ी निंदा की है। यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इस खतरे को नाकाम कर दिया है। इस कदम से देश की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूती मिली है। GCC ने साफ किया है कि राष्ट्रीय एकता के खिलाफ किसी भी तरह की हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

GCC और UAE सुरक्षा एजेंसियों ने क्या कहा?

GCC ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि यूएई की सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ किसी भी साजिश या अपराध को पूरी तरह खारिज किया जाता है। GCC Secretary General ने यूएई की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और उनकी तेज कार्रवाई की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आतंकियों की साजिश को नाकाम करना और आरोपियों को गिरफ्तार करना राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा का एक मजबूत उदाहरण है। यूएई ने एक बार फिर साबित किया कि वह अपनी जनता की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

यूएई में हुई हालिया आतंकी गतिविधियां और घटनाएं

यूएई में पिछले कुछ समय में कई गंभीर सुरक्षा चुनौतियां सामने आई हैं। इनमें ईरान और हिज्बुल्ला से जुड़े नेटवर्क की घुसपैठ की कोशिशें शामिल थीं। इन घटनाओं की पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है।

तारीख घटना मुख्य विवरण
5 मार्च, 2026 अबू धाबी और दुबई में धमाके जोरदार धमाके सुने गए, जिसे ईरानी मिसाइल हमलों से जोड़ा गया।
20 मार्च, 2026 आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ ईरान और हिज्बुल्ला से जुड़े नेटवर्क को पकड़ा गया, लक्ष्य अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना था।
3 अप्रैल, 2026 हबशान गैस प्लांट पर हमला दुबई के प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई।
21 अप्रैल, 2026 हमले की नई योजना ईरान की शह पर राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने की बड़ी साजिश रची गई।
7 मार्च, 2020 काबुल हमला निंदा यूएई ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए हमले की निंदा की थी।
22 अप्रैल, 2025 पहलगाम हमला निंदा यूएई ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की थी।

साजिश के पीछे कौन था और क्या था मकसद?

जांच में यह बात सामने आई कि पकड़े गए आतंकी ईरान की ‘विलायत अल-फ़कीह’ विचारधारा से जुड़े थे। इनका मुख्य उद्देश्य यूएई की राष्ट्रीय एकता को कमजोर करना और अर्थव्यवस्था में घुसपैठ कर वित्तीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाना था। यूएई की राज्य सुरक्षा एजेंसी (SSA) ने साफ किया कि नागरिक संस्थाओं या आर्थिक तंत्र का उपयोग करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से कुचला जाएगा। इस मामले में लेबनान के विदेश मंत्रालय ने भी यूएई के खिलाफ साजिश की निंदा की और दोषियों को सजा दिलाने में मदद करने की बात कही है।