सऊदी अरब के जेद्दा में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने GCC देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। यह बैठक एक खास मशवरा समिट (Consultative Summit) थी। इसका मकसद इलाके में बढ़ रहे सैन्य तनाव और सुरक्षा खतरों पर चर्चा करना था। सभी सदस्य देश इस बात को लेकर चिंतित थे कि क्षेत्रीय अस्थिरता का असर आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

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जेद्दा समिट में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई

इस बैठक का सबसे बड़ा कारण इलाके में बढ़ा सैन्य तनाव और ईरान द्वारा किए गए हमले थे। नेताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से बात की:

  • सुरक्षा खतरे: ईरान और उसके सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों और उनके प्रभाव पर चर्चा हुई।
  • समुद्री सुरक्षा: Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई।
  • एकता की जरूरत: सदस्य देशों ने आपसी मतभेदों को भुलाकर साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होने पर जोर दिया।

ईरान के साथ विवाद और वर्तमान स्थिति

क्षेत्र में तनाव फरवरी 28 से शुरू हुआ था, जिसने सभी छह GCC देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचाया। हालांकि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच एक कमजोर युद्धविराम (Ceasefire) लागू हुआ, लेकिन देशों के बीच भरोसा कम हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी देशों के नेताओं ने ईरान के नेतृत्व पर से भरोसा पूरी तरह खो दिया है।

अधिकारियों और सदस्य देशों के बयान

समिट के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। UAE के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गाश ने कहा कि बाहरी ताकतों को खाड़ी की सुरक्षा प्राथमिकताएं तय नहीं करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्रीय मिसाइलों का निशाना खाड़ी देश ही बनेंगे।

वहीं कतर ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता को अंतरराष्ट्रीय कानून का बुनियादी सिद्धांत बताया और संकट सुलझाने के लिए गंभीर संवाद की वकालत की। GCC महासचिव जासिम अलबुदईवी ने आर्थिक एकीकरण और स्थिर माहौल बनाने की प्रतिबद्धता जताई ताकि वैश्विक स्थिरता बनी रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जेद्दा समिट का मुख्य उद्देश्य क्या था

इस समिट का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में ईरान के हमलों से हुए नुकसान और सैन्य तनाव पर चर्चा करना था। साथ ही GCC देशों के बीच एकता बढ़ाकर साझा सुरक्षा खतरों से निपटने की रणनीति बनाना था।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर अधिकारियों ने क्या कहा

UAE के सलाहकार डॉ. अनवर गर्गाश ने कहा कि बाहरी ताकतों को खाड़ी की सुरक्षा तय नहीं करनी चाहिए। वहीं कतर ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानूनी सिद्धांतों के पालन पर जोर दिया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.