खाड़ी देशों (GCC) ने 2024 में कृषि, पशुपालन और मछली पालन के क्षेत्र में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। ओमान की राजधानी मस्कट में जारी हुए नए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन क्षेत्रों ने मिलकर GCC की अर्थव्यवस्था में लगभग 40 बिलियन डॉलर का योगदान दिया है। यह सफलता इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में खेती लायक जमीन और पानी की काफी कमी रहती है। इसके बावजूद नई तकनीक के इस्तेमाल से इन देशों ने अपनी खाद्य सुरक्षा को काफी मजबूत किया है।

आंकड़ों में जानिए कैसा रहा 2024 का प्रदर्शन

इस रिपोर्ट में कई अहम बाते सामने आई हैं जो खाड़ी देशों के मजबूत होते व्यापार को दिखाती हैं।

  • कुल जीडीपी योगदान: 2024 में कृषि और मछली पालन क्षेत्र से कुल 40 बिलियन डॉलर की जीडीपी दर्ज की गई।
  • ग्रोथ रेट: 2023 के मुकाबले 2024 में इस सेक्टर में 5.1 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली।
  • रिपोर्ट का स्रोत: यह आधिकारिक डेटा GCC-Stat और WAM (Emirates News Agency) द्वारा 9 मार्च 2026 को जारी किया गया।

आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर होगा

खाड़ी देशों में रहने वाले स्थानीय लोगों और भारत जैसे देशों से गए लाखों प्रवासियों के लिए यह एक बहुत राहत वाली खबर है। इस सेक्टर के मजबूत होने का सीधा मतलब है कि अब बाजार में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई और बेहतर होने वाली है।

सब्जियों, मांस और मछलियों के लिए अब बाहर के देशों पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी। जब कोई देश खुद का खाना उगाने में आत्मनिर्भर बनता है, तो बाजार में खाने के सामान के दाम भी स्थिर रहते हैं और महंगाई पर रोक लगती है।

GCC सरकारें अब तेल पर अपनी निर्भरता कम करके ऐसे सेक्टर्स पर फोकस कर रही हैं। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके सीमित जमीन और कम पानी में भी अच्छी पैदावार ली जा रही है, जिससे भविष्य में भी खाड़ी देशों में खाने-पीने की कोई कमी नहीं रहने वाली है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com