खाड़ी देशों (GCC) में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नर्सिंग स्टाफ की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है। GCC Statistical Centre के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के अंत तक यहाँ नर्सों की कुल संख्या करीब 4,13,200 पहुँच गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ने से अब यहाँ इलाज की सुविधा और बेहतर हुई है, जिसका फायदा वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों को मिल रहा है।

GCC देशों में नर्सिंग स्टाफ की संख्या में कितनी बढ़त हुई?

पिछले 10 सालों (2014-2024) के दौरान नर्सिंग स्टाफ में हर साल औसतन 4.6% की बढ़त रही। इस दौरान करीब 1,50,000 नए नर्स इस क्षेत्र में जुड़े। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने और इलाज की क्वालिटी सुधारने के लिए मानव संसाधनों पर काफी पैसा खर्च किया है। इस विस्तार की वजह से हेल्थकेयर सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है।

हेल्थकेयर वर्कफोर्स से जुड़ी मुख्य बातें

खाड़ी देशों में नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा है। फरवरी 2026 के आंकड़ों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में कुल हेल्थकेयर वर्कफोर्स 1.05 मिलियन (10.5 लाख) तक पहुँच गया है, जिसमें नर्सों की हिस्सेदारी 39.3% है। नीचे दी गई टेबल में नर्सिंग स्टाफ से जुड़े मुख्य आंकड़े दिए गए हैं:

विवरण आंकड़ा
कुल नर्सों की संख्या (2024 अंत तक) 4,13,200
सालाना ग्रोथ रेट (2014-2024) 4.6%
पिछले 10 साल में हुई बढ़ोतरी 1,50,000
महिलाओं की हिस्सेदारी 73.6%
सरकारी अस्पतालों में कार्यरत स्टाफ 62.4%
GCC नेशनल नर्सों का हिस्सा (2024) 30.3%
प्रति 10,000 लोगों पर नर्सों की संख्या 67.5

दुनिया के मुकाबले खाड़ी देशों की स्थिति

खाड़ी देशों में नर्सों की संख्या अब दुनिया के औसत से काफी ज्यादा है। जहाँ पूरी दुनिया में प्रति 10,000 लोगों पर सिर्फ 37.7 नर्स हैं, वहीं GCC देशों में यह संख्या 67.5 है। साथ ही, स्थानीय नागरिकों को इस पेशे में बढ़ावा दिया जा रहा है। 2023 में GCC नेशनल नर्सों का हिस्सा 29.6% था, जो 2024 में बढ़कर 30.3% हो गया। यह बदलाव प्रवासियों के साथ-साथ स्थानीय टैलेंट को सशक्त बनाने की कोशिशों का हिस्सा है।