खाड़ी देशों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है. इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स 2026 में GCC देशों ने दुनिया के औसत स्कोर को पीछे छोड़ दिया है. इसका मतलब है कि इन देशों में अब बिजनेस करना और निवेश करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. यह बदलाव आर्थिक खुलेपन और बेहतर बिजनेस माहौल की वजह से आया है.
किन देशों ने कितनी रैंक हासिल की?
The Heritage Foundation की रिपोर्ट के मुताबिक खाड़ी देशों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा. कतर दुनिया में 31वें नंबर पर रहा और उसका स्कोर 70.2 रहा. ओमान 39वें स्थान पर आया और उसने पिछले साल के मुकाबले 19 पायदान की लंबी छलांग लगाई. सऊदी अरब 59वें नंबर पर रहा. कुवैत भले ही 90वें स्थान पर है लेकिन उसका स्कोर भी दुनिया के औसत स्कोर के बराबर या उससे ऊपर रहा.
| देश | ग्लोबल रैंक | स्कोर | कैटेगरी |
|---|---|---|---|
| Qatar | 31 | 70.2 | Mostly Free |
| Oman | 39 | 68.5 | Fairly Free |
| Saudi Arabia | 59 | 65.4 | Moderately Free |
| Kuwait | 90 | 59.9 | Mostly Unfree |
| Global Average | – | 59.9 | Mostly Unfree |
बिजनेस और अर्थव्यवस्था में क्या बड़े बदलाव आए?
GCC Statistical Center की ‘GCC in Numbers’ रिपोर्ट के मुताबिक इन देशों की GDP 2.2 प्रतिशत बढ़कर 2.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है. दुनिया भर में इनका स्थान नौवां है. बहरीन और UAE ने टैक्स के मामले में दुनिया में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है और दोनों का टैक्स बर्डन स्कोर 99.9 रहा. आर्थिक सुधारों और नए प्रोग्राम्स की वजह से अब इन देशों में व्यापार करना प्रवासियों और विदेशी कंपनियों के लिए और आसान हो गया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स 2026 क्या है?
यह Heritage Foundation द्वारा जारी की जाने वाली सालाना रिपोर्ट है जो बताती है कि किसी देश में लोगों को अपने काम और संपत्ति पर कितना कंट्रोल है और वहां बिजनेस करना कितना आसान है.
GCC देशों की GDP में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
GCC Statistical Center के अनुसार इन देशों की GDP 2.2 प्रतिशत बढ़कर 2.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गई है, जिससे ये दुनिया में नौवें स्थान पर आ गए हैं.