खाड़ी देशों (GCC) की अर्थव्यवस्था ने साल 2025 में बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। टाइम्स कुवैत और गल्फ सांख्यिकी केंद्र की नई रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों ने अब तेल पर अपनी निर्भरता बहुत कम कर ली है और गैर-तेल सेक्टर में बंपर कमाई की है। कुवैत, सऊदी अरब और दुबई जैसे देशों की इस आर्थिक तरक्की से वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी आने वाले समय में काम के नए मौके खुल रहे हैं।
खाड़ी देशों की कमाई का नया डेटा क्या कहता है?
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की आर्थिक ताकत अब दुनिया के बड़े देशों के बीच बहुत मजबूत हो चुकी है। साल 2025 के अंत तक के आंकड़े बताते हैं कि इन देशों ने व्यापार, बैंकिंग और निवेश के क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। नीचे दिए गए टेबल से आप इसे आसानी से समझ सकते हैं:
| विषय (Topic) | आंकड़ा (Data) |
|---|---|
| कुल जीडीपी (Total GDP) 2025 | लगभग $2.4 ट्रिलियन |
| गैर-तेल सेक्टर का योगदान | 78% से अधिक |
| कमर्शियल बैंकों की कुल संपत्ति | लगभग $3.9 ट्रिलियन |
| बैंकों में कुल जमा पैसा | $2.3 ट्रिलियन |
| सॉवरेन वेल्थ फंड (Sovereign Wealth Funds) | लगभग $5 ट्रिलियन (दुनिया का 30.3%) |
| कुल व्यापार मात्रा (Trade Volume 2024) | $1.6 ट्रिलियन |
| आपसी व्यापार (Intra-GCC Trade) | $146 बिलियन |
| गैर-तेल सेक्टर की विकास दर | 5.3% |
कुवैत और अन्य गल्फ देशों में क्या बड़े बदलाव हुए?
रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत ने अपने ‘न्यू कुवैत 2035’ प्लान के तहत कई बड़े आर्थिक सुधार किए हैं। कुवैत सरकार ने मार्च 2025 में एक नया सरकारी कर्ज कानून पास किया था। इस कानून के तहत कुवैत को बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 97.7 अरब डॉलर (KD30bn) तक कर्ज लेने की मंजूरी मिली है। इससे कुवैत में बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम हो रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल इकोनॉमिक फ्रीडम इंडेक्स 2026 में खाड़ी देशों को औसतन 66.9 अंक मिले हैं, जो दुनिया के औसत 59.9 अंक से बहुत बेहतर है।
इस तरक्की का वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों पर क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय प्रवासी रहते हैं और काम करते हैं। जब इन देशों की अर्थव्यवस्था तेल के अलावा अन्य क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, व्यापार और नए प्रोजेक्ट्स में आगे बढ़ती है, तो वहां नौकरियों के नए अवसर पैदा होते हैं। खासकर जो लोग कंस्ट्रक्शन, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर में काम करना चाहते हैं, उनके लिए आने वाला समय बहुत अच्छा रहने वाला है। आईएमएफ (IMF) ने अनुमान लगाया है कि 2026 में इन देशों की जीडीपी 4.2% की रफ्तार से बढ़ेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
खाड़ी देशों (GCC) की अर्थव्यवस्था का आकार कितना बड़ा हो गया है?
साल 2025 के अंत तक खाड़ी देशों की कुल जीडीपी लगभग $2.4 ट्रिलियन तक पहुंच गई है, जो इन्हें दुनिया की सबसे मजबूत आर्थिक ताकतों में शामिल करती है।
क्या गल्फ देशों में अब तेल के बिना भी कमाई बढ़ रही है?
हां, साल 2025 में खाड़ी देशों की जीडीपी में गैर-तेल सेक्टर का योगदान 78% से भी ज्यादा रहा है, जिसमें 5.3% की सालाना ग्रोथ देखी गई है।