खाड़ी देशों के संगठन GCC ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सभी सदस्य देशों के बिजली ग्रिड को आपस में जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि भविष्य में बिजली की किल्लत न हो और ग्रिड की क्षमता बढ़ाई जा सके। इस पर चर्चा 11 जुलाई 2026 को कुवैत में आयोजित 67वीं GCC एडवाइजरी और रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में हुई थी।
बिजली ग्रिड मजबूत करने की तैयारी
कुवैत में हुई इस बैठक की अध्यक्षता बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क के सहायक अवर सचिव Engineer Faisal Al-Sumait ने की। उन्होंने साफ कहा कि खाड़ी देशों के बीच बिजली के तालमेल को बढ़ाना समय की मांग है। इससे न केवल बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा किया जा सकेगा, बल्कि भविष्य में किसी भी संकट के समय बिजली सप्लाई को लगातार बनाए रखने में मदद मिलेगी। GCC Interconnection Authority (GCCIA) इस पूरे सिस्टम को संभालने और ग्रिड को स्थिर रखने का काम कर रही है।
क्षेत्रीय स्तर पर विस्तार की योजना
यह योजना केवल GCC देशों तक ही सीमित नहीं है। खाड़ी देश अपने ग्रिड को Iraq, Jordan और Egypt जैसे पड़ोसी देशों के ग्रिड से भी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इराक के साथ ग्रिड जोड़ने का काम अभी कुछ तकनीकी और निर्माण संबंधी देरी के कारण अगस्त 2026 के अंत तक खिसक सकता है। इसके अलावा, देशों के बीच अलग-अलग रेगुलेटरी नियम, बिजली के दाम और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी हैं, जिन्हें सुलझाने पर काम किया जा रहा है। आने वाले दशक में यह प्रोजेक्ट मध्य पूर्व के सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक होगा, जो क्लीन एनर्जी और स्मार्ट ग्रिड को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
