खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) और यूरोपीय संघ (EU) ने ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। GCC के महासचिव जसिम मोहम्मद अल्बुदैवी और यूरोपीय आयुक्त दुबराव्का सुइका के बीच फोन पर हुई बातचीत में क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान ईरान के इन कदमों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया और तनाव कम करने की अपील की गई।

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GCC ने ईरानी हमलों और दावों पर क्या कहा?

महासचिव अल्बुदैवी ने स्पष्ट किया कि ईरान द्वारा किए गए हमले खाड़ी देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि ये गतिविधियां क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। GCC ने उन सभी ईरानी दावों को भी खारिज कर दिया जिसमें इन सैन्य अभियानों के लिए खाड़ी देशों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की गई थी। अल्बुदैवी ने दोहराया कि खाड़ी देश हमेशा दूसरे राज्यों की संप्रभुता का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की नीति पर चलते हैं।

तनाव कम करने के लिए क्या कदम उठाए गए?

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तनाव को रोकने के लिए कई बैठकें और समझौते हुए हैं। नीचे दी गई जानकारी मुख्य घटनाक्रमों को बताती है:

तारीख मुख्य घटना
23 मार्च 2026 GCC महासचिव और EU आयुक्त के बीच फोन पर चर्चा हुई
18 मार्च 2026 UN सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव 2817 को EU ने समर्थन दिया
9 मार्च 2026 UAE के उप प्रधानमंत्री शेख सैफ बिन जायद ने हमलों की निंदा की
5 मार्च 2026 GCC और EU के विदेश मंत्रियों की बड़ी बैठक हुई

प्रवासियों और सुरक्षा पर क्या होगा असर?

खाड़ी देशों और यूरोपीय संघ ने मिलकर ईरान से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। राजनयिक कोशिशों का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने से रोकना है। UAE और अन्य खाड़ी देशों ने साफ कर दिया है कि उनके पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए स्थिरता बहुत जरूरी है। सुरक्षा के इन प्रयासों से व्यापार और काम पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद मिलेगी।