खाड़ी देशों यानी GCC में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। साल 2025 में यहां महंगाई दर 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रही। GCC-Stat की 13 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, लगातार दूसरे साल महंगाई दर 2 प्रतिशत से नीचे बनी हुई है। यह आंकड़ा वैश्विक स्तर पर भी सबसे कम महंगाई दर वाले क्षेत्रों में से एक है।
किन चीजों के दाम बढ़े और किनके घटे
महंगाई बढ़ने की मुख्य वजहों में हाउसिंग और अन्य सेवाएं शामिल रहीं। नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि किस क्षेत्र में कितना असर रहा:
| सेक्टर | महंगाई दर |
|---|---|
| विविध सामान और सेवाएं | 5.4% |
| हाउसिंग | 4.0% |
| मनोरंजन और संस्कृति | 2.0% |
| रेस्तरां और होटल | 1.6% |
| भोजन और पेय पदार्थ | 1.2% |
| शिक्षा | 1.0% |
| ट्रांसपोर्ट | -0.2% |
रिपोर्ट बताती है कि स्वास्थ्य, संचार और घर के उपकरणों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, प्राकृतिक गैस की कीमतों में 15.2 प्रतिशत का उछाल आया है, जिससे भविष्य के लिए कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। लेकिन कुल मिलाकर, 2 प्रतिशत से कम की महंगाई दर के कारण खाड़ी देशों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिसका सीधा फायदा वहां काम कर रहे प्रवासियों को भी मिलता है क्योंकि जरूरी वस्तुओं के दाम बहुत ज्यादा नहीं बढ़े हैं।
