गल्फ देशों (GCC) ने अपने नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब Insurance Protection Extension System के जरिए यह पक्का किया जाएगा कि किसी भी GCC नागरिक को अपने देश से बाहर किसी दूसरे गल्फ देश में नौकरी करने पर अपनी पेंशन और बीमा का नुकसान न हो। इस सिस्टम की वजह से अब गल्फ देशों के लोग बिना किसी डर के एक देश से दूसरे देश जाकर काम कर सकेंगे और उनकी सामाजिक सुरक्षा बनी रहेगी।

नागरिकों को मिलेगी मानसिक और आर्थिक मजबूती

General Pension and Social Security Authority की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Hind Al Suwaidi ने बताया कि यह सिस्टम गल्फ देशों के लीडर्स की सोच का नतीजा है। इसका मकसद नागरिकों को एक सुरक्षित और बेहतर जीवन देना है। उन्होंने कहा कि यह सिस्टम एक पुल की तरह काम करेगा, जिससे कर्मचारी को ऐसा महसूस होगा जैसे वह अपने ही देश में नौकरी कर रहा है। इससे लोगों को नौकरी की सुरक्षा मिलेगी और वे पूरे GCC क्षेत्र में कहीं भी काम कर पाएंगे।

2004 में बनी थी इसकी बुनियाद

इस सिस्टम की शुरुआत काफी समय पहले हुई थी। GCC की सुप्रीम काउंसिल ने दिसंबर 2004 में बहरीन में हुई 25वीं बैठक के दौरान इसके लिए नियम बनाए थे। इसका मुख्य लक्ष्य यह था कि गल्फ देशों के बीच टैलेंट और अनुभव को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाया जा सके और सभी सदस्य देशों के बीच एक ‘GCC नागरिकता’ की भावना को मजबूत किया जा सके।

2026 से 2030 तक का नया प्लान

इस सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए अब 2026 से 2030 तक के रणनीतिक प्लान लागू किए जा रहे हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए और डिजिटल सेवाओं को और बेहतर किया जाए। इसके अलावा, कुछ सदस्य देशों ने इसमें बेरोजगारी बीमा (unemployment insurance) जैसी नई सुविधाएं भी जोड़ दी हैं, जो भविष्य में नागरिकों के काम आएगी।

सिस्टम से जुड़ी जरूरी बातें

विवरण जानकारी
शुरुआत दिसंबर 2004 (बहरीन सत्र)
नया लक्ष्य 2026-2030 का रणनीतिक प्लान
मुख्य नारा Unified GCC Umbrella के तहत बीमा सुरक्षा
किसे मिलेगा लाभ सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले GCC नागरिक
अनिवार्यता कर्मचारी का GCC नागरिक होना और कंपनी का लाइसेंस्ड होना जरूरी
योगदान (Contribution) कर्मचारी के अपने देश के कानून के हिसाब से पैसा कटेगा

नियम और शर्तें

  • यह सिस्टम उन सभी GCC नागरिकों पर लागू होता है जो होस्ट देश के पेंशन और सोशल सिक्योरिटी नियमों के दायरे में आते हैं।
  • शर्त यह है कि कर्मचारी को अपने देश द्वारा तय किए गए पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा।
  • नियोक्ता (Employer) के लिए यह कानूनी रूप से जरूरी है कि वह GCC कर्मचारी का रजिस्ट्रेशन करे।
  • पेंशन का पैसा कर्मचारी के अपने देश के कानून में तय रेट के हिसाब से जमा करना होगा।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.