GCC देशों के आंतरिक मंत्रियों ने रियाद में एक इमरजेंसी मीटिंग की है. इस बैठक में सभी देशों ने साफ कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक है और इसे अलग नहीं किया जा सकता. यह मीटिंग ईरान की तरफ से मिल रही धमकियों और IRGC से जुड़े गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद बुलाई गई थी.
GCC मीटिंग में किन बातों पर हुआ फैसला
यह जरूरी बैठक 13 मई 2026 को रियाद में GCC सचिवालय के मुख्यालय में हुई. इसकी अध्यक्षता बहरीन के आंतरिक मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल खलीफा ने की. इस मीटिंग में सऊदी अरब के आंतरिक मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सौद बिन नाइफ और कुवैत के प्रथम उप प्रधानमंत्री शेख फहद अल-यूसुफ भी शामिल थे.
- सभी मंत्रियों ने कहा कि खाड़ी देशों की सुरक्षा एक और पूर्ण है.
- आतंकवाद से लड़ने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया गया.
- क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा हुई.
- ईरानी हमलों में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई गई.
कुवैत में IRGC के लोगों ने क्या कोशिश की
मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े लोगों को पकड़ा. कुवैत प्रशासन ने बताया कि चार ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने रणनीतिक बुबियान द्वीप (Bubiyan Island) में घुसने की कोशिश की थी.
पकड़े गए लोगों ने कबूल किया कि वे IRGC के सदस्य हैं और उन्हें वहां हमला करने के लिए भेजा गया था. इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो लोग भागने में कामयाब रहे और एक कुवैती सैनिक घायल हो गया. GCC मंत्रियों ने सुरक्षा बलों की इस मुस्तैदी की तारीफ की.
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC देशों ने सुरक्षा को लेकर क्या कहा?
मंत्रियों ने कहा कि सभी सदस्य देशों की सुरक्षा एक है और इसे अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने आपसी तालमेल को और मजबूत करने का फैसला लिया.
कुवैत में ईरान के कितने लोग पकड़े गए?
कुवैत प्रशासन ने 4 ईरानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने बुबियान द्वीप में घुसपैठ की कोशिश की थी.
