खाड़ी देशों और जॉर्डन ने क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में 30 मार्च 2026 को रूस के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की गई। इसके तुरंत बाद अब चीन के साथ भी इसी मुद्दे पर एक बड़ी बैठक करने का कार्यक्रम तय हुआ है। इन सभी बैठकों का मुख्य उद्देश्य ईरान की ओर से होने वाली कथित गतिविधियों पर चर्चा करना और खाड़ी क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।

रूस के साथ हुई इस विशेष बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई?

खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी ने पुष्टि की है कि रूस के साथ हुई बैठक में मुख्य रूप से ईरान के हमलों के परिणामों पर चर्चा की गई। बहरीन के विदेश मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बातचीत में सभी सदस्य देशों ने माना कि क्षेत्रीय सुरक्षा न केवल खाड़ी के लिए बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है। नेताओं ने आपसी तालमेल बढ़ाने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा रणनीति पर काम करने का फैसला लिया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए भी क्षेत्र की यह सुरक्षा और शांति काफी अहम है। जानकारों का कहना है कि क्षेत्र में स्थिरता रहने से वहां काम करने वाले लोगों और व्यापार पर सीधा असर पड़ता है। इस तरह की कूटनीतिक बैठकों से आने वाले समय में सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

किन देशों के मंत्रियों ने इस चर्चा में हिस्सा लिया और आगे का क्या है प्लान?

सोमवार को हुई बैठक में खाड़ी देशों के सभी विदेश मंत्रियों के साथ रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov और जॉर्डन के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 को चीन के साथ भी एक महत्वपूर्ण मंत्रिस्तरीय बैठक बुलाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से खाड़ी देशों ने हाल ही में कई अन्य देशों से भी संपर्क साधा है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:

बैठक का प्रकार शामिल देश/प्रतिनिधि तारीख
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग GCC, जॉर्डन और रूस 30 मार्च 2026
मंत्रिस्तरीय बैठक GCC, जॉर्डन और चीन 1 अप्रैल 2026
पिछली महत्वपूर्ण बैठक मिस्र, मोरक्को, ब्रिटेन और जॉर्डन 13 मार्च 2026
द्विपक्षीय चर्चा चीन और जॉर्डन दिसंबर 2025

इन बैठकों का मुख्य फोकस क्षेत्रीय सुरक्षा के साथ-साथ खतरनाक घटनाक्रमों के वैश्विक प्रभावों को रोकना है। बहरीन फिलहाल मंत्रिस्तरीय परिषद की अध्यक्षता कर रहा है, इसलिए बैठकों का संचालन उन्हीं के नेतृत्व में किया जा रहा है। आगे भी सुरक्षा और आपसी समन्वय के लिए इस तरह की परामर्श बैठकों का दौर जारी रहने वाला है।