खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों और Jordan ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से ईरान की लगातार बढ़ती आक्रामक गतिविधियों को रोकने की मांग की है। 23 जुलाई 2026 को जारी इस संयुक्त बयान में प्रभावित देशों के लिए आत्मरक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। यह कदम तब उठाया गया है जब क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर है और हाल ही में Jordan की सेना ने उनकी सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे ईरान के 6 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।

हमलों का दायरा और बढ़ता तनाव

ईरानी बलों के अनुसार, उनके हमले अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाकर किए गए थे, जिनमें Patriot सिस्टम, THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम, एक हेलीकॉप्टर हैंगर और C-RAM रडार शामिल थे। इसके अलावा, कुवैत और इराक के बीच स्थित Abdali सीमा पर भी एक ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। ये घटनाएं क्षेत्र में स्थिरता को लेकर गहरा संकट पैदा कर रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की जरूरत

GCC के महासचिव Jasem Al Budaiwi ने 22 जुलाई 2026 को UNSC के सामने हुती विद्रोहियों द्वारा बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में शिपिंग को रोकने की धमकी को अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन के लिए सीधा खतरा बताया था। इससे पहले 12 मार्च 2026 को UNSC ने प्रस्ताव 2817 पास किया था, जिसमें ईरान द्वारा खाड़ी देशों पर हमलों की निंदा की गई थी। अब एक बार फिर से इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.