जेद्दा में मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को GCC देशों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान ने की। ईरान के बढ़ते हमलों को देखते हुए अब सभी सदस्य देशों ने सैन्य तालमेल बढ़ाने और सुरक्षा सिस्टम को मजबूत करने का बड़ा फैसला लिया है।
मिसाइल हमलों से बचने के लिए क्या है नया प्लान?
GCC नेताओं ने बैलिस्टिक मिसाइल खतरों से निपटने के लिए एक ‘यूनिफाइड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ (Unified Early Warning System) को तेजी से तैनात करने पर सहमति जताई। इस सिस्टम का मकसद मिसाइल हमले की सटीक और समय पर चेतावनी देना है। GCC महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदईवी ने बताया कि बैठक में क्षेत्रीय तनाव और ईरान द्वारा किए गए हमलों पर विस्तार से चर्चा की गई। कतर के अमीर शेख तमीम ने इसे खाड़ी देशों का एक एकजुट स्टैंड बताया।
ईरान की हरकतों और Hormuz Strait पर क्या कहा गया?
बैठक के दौरान सदस्य देशों ने ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) को बंद करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने समुद्री सुरक्षा को बहाल करने और क्षेत्र में स्थिरता लाने की जरूरत पर जोर दिया। सऊदी प्रिंस फैसलाल ने भी इस संबंध में अपने ईरानी समकक्ष और अन्य क्षेत्रीय विदेश मंत्रियों से बातचीत की थी।
बैठक में शामिल नेता और UAE का बड़ा फैसला
इस शिखर सम्मेलन में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अलावा कतर के अमीर शेख तमीम, कुवैत के क्राउन प्रिंस, बहरीन के राजा और UAE के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक के साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आई कि UAE ने 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ से अलग होने का ऐलान किया। इस फैसले ने खाड़ी देशों की आर्थिक एकजुटता को एक नई चुनौती दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC देशों ने मिसाइल सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाया है?
GCC देशों ने बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरों को समय रहते पहचानने के लिए एक साझा अर्ली वार्निंग सिस्टम (Unified Early Warning System) को जल्द से जल्द लागू करने का फैसला किया है।
Strait of Hormuz को लेकर GCC का क्या स्टैंड है?
GCC देशों ने हॉर्मुज जलमार्ग को बंद करने की किसी भी कोशिश को खारिज कर दिया है और समुद्री सुरक्षा को बहाल करने की मांग की है।