Gulf Cooperation Council (GCC) के देशों ने ईरान की उन हरकतों का कड़ा विरोध किया है जिससे Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) में जहाजों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। जेद्दा में हुई एक बड़ी मीटिंग में इन देशों ने साफ कह दिया कि वे समुद्री रास्तों को बंद करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह मामला अब गंभीर होता जा रहा है क्योंकि इससे पूरे इलाके की सुरक्षा और व्यापार पर खतरा मंडरा रहा है।
GCC देशों ने सुरक्षा के लिए क्या बड़ा फैसला लिया है?
GCC के महासचिव Jasem Al-Budaiwi ने बयान जारी कर कहा कि समुद्री रास्तों में रुकावट पैदा करना पूरी तरह गैरकानूनी है। जेद्दा में हुई 19वीं परामर्श बैठक में नेताओं ने यह तय किया कि अगर किसी एक सदस्य देश पर हमला हुआ, तो उसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा। उन्होंने UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी रक्षा करने के अधिकार की बात की। इसके अलावा, मिसाइल हमलों से बचने के लिए एक नया अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने और तेल-गैस पाइपलाइन पर काम तेज करने का निर्देश दिया गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?
ईरान का दावा है कि उसके पास अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का हक है। ईरान ने जलडमरूमध्य के नियंत्रण को अपनी सेना और IRGC के बीच बांट दिया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान की स्थिति खराब है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया कि अमेरिका ने जो नाकाबंदी की है, वह सिर्फ ईरानी जहाजों के लिए है ताकि वे इस रास्ते से गलत तरीके से मुनाफा न कमा सकें। वहीं, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने चेतावनी दी कि इस विवाद को और लंबा नहीं खींचना चाहिए।
आम व्यापार और अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा?
Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा कम हो गई है, जिससे GCC देशों की अर्थव्यवस्था के लिए संकट खड़ा हो गया है। व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहले जहां हर दिन औसतन 140 जहाज गुजरते थे, अब वह संख्या घटकर केवल 7 जहाज प्रतिदिन रह गई है। इस तनाव के बीच UAE ने 1 मई से OPEC छोड़ने का फैसला किया है। यह कदम आने वाले समय में तेल की कीमतों और उत्पादन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में जहाजों की संख्या कितनी कम हुई है?
ताजा आंकड़ों के अनुसार, पहले यहाँ रोजाना औसतन 140 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर केवल 7 जहाज प्रतिदिन रह गई है।
GCC देशों ने सुरक्षा के लिए कौन से नए सिस्टम बनाने का फैसला किया है?
GCC देशों ने बैलिस्टिक मिसाइलों के खतरों से निपटने के लिए एक संयुक्त अर्ली वार्निंग सिस्टम और एक नई तेल एवं गैस पाइपलाइन बनाने का निर्णय लिया है।