10 जून 2026 को खाड़ी देशों (GCC) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बहरीन के मनामा में आयोजित की गई। इस बैठक में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। खाड़ी सहयोग परिषद ने ईरान से सीधा सवाल पूछा है कि लगातार हो रहे इन हमलों के बीच भविष्य में पड़ोसियों जैसे संबंध कैसे बनाए जा सकते हैं। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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मनामा में हुई बैठक में क्या बड़े फैसले लिए गए?

बहरीन के मनामा में आयोजित 167वीं मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक में खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा को लेकर अहम फैसला लिया। परिषद ने स्पष्ट किया कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सभी सदस्य देशों की सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई है। किसी भी एक देश पर होने वाले हमले को पूरे खाड़ी क्षेत्र पर हमला माना जाएगा। खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी रक्षा करने के अधिकार की बात कही है। जीसीसी के महासचिव जसिम अल-बुदैवी ने कहा कि ईरान खुले तौर पर अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल-जयानी ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन बताया है।

हमलों का आम लोगों और खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों की सरकार ने अपने नागरिकों और वहां रहने वाले लाखों विदेशी प्रवासियों, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय शामिल हैं, को सुरक्षा का भरोसा दिया है। बैठक में बताया गया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम और संयुक्त सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी हवाई खतरे का सामना करने में सक्षम हैं। हालांकि, जीसीसी के महासचिव ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने से समुद्री जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है, जिससे न केवल खाड़ी देशों के व्यापार पर असर पड़ेगा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होगा। सऊदी अरब ने भी इन हमलों का कड़ा विरोध करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ पूरी एकजुटता जताई है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव की मुख्य वजह क्या है?

यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी सेना ने एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में दक्षिणी ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके कुछ ही समय बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। खाड़ी क्षेत्र में इस ताजा तनाव की शुरुआत इस साल 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। जीसीसी ने अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप करने और हमलावरों को जिम्मेदार ठहराने की मांग की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जीसीसी (GCC) देशों की 167वीं बैठक कब और कहाँ आयोजित की गई थी?

जीसीसी देशों की 167वीं मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक बुधवार, 10 जून 2026 को बहरीन के मनामा शहर में आयोजित की गई थी।

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के किन देशों को निशाना बनाकर हमला किया है?

ईरान ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के क्षेत्रों को निशाना बनाया है, जिसमें वहां स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की बात सामने आई है।

इस तनाव की शुरुआत कब और किस घटना से हुई थी?

इस पूरे क्षेत्रीय तनाव की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हुई थी, जिसके बाद से दोनों पक्षों में लगातार संघर्ष चल रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com