Gulf देशों में रहने वाले भारतीय अब अपने पैसों को लेकर ज़्यादा भरोसा महसूस कर रहे हैं. एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक 86 प्रतिशत NRI अपनी आर्थिक स्थिति को स्थिर या बेहतर मान रहे हैं. दुनिया में चल रही उथल-पुथल के बावजूद वे अपनी कमाई और बचत को लेकर बेफिक्र नज़र आ रहे हैं और लंबी अवधि के फायदे देख रहे हैं.

GCC NRIs की आर्थिक स्थिति और जोखिम क्या हैं?

Equirus Wealth ने अप्रैल 2026 में UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन के 8,300 ग्राहकों का सर्वे किया. इस सर्वे में पाया गया कि लोग अब केवल घर चलाने के लिए पैसा नहीं भेज रहे, बल्कि वे भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं. Equirus Wealth के MD Ankur Punj ने कहा कि यह बदलाव सिर्फ कुछ समय के लिए नहीं है, बल्कि धन बनाने के तरीके में एक बड़ा बदलाव है.

विवरण आंकड़े
स्थिर या बेहतर वित्तीय आत्मविश्वास 86%
भू-राजनीतिक जोखिम का डर 41%
महंगाई की चिंता 23%
भारतीय इक्विटी में निवेश बढ़ाना 73%
रियल एस्टेट निवेश में कमी 40%
भारत में निवेश का इरादा 27%
रिटायरमेंट प्लानिंग 22%
परिवार की सहायता 26%

निवेश और बचत के नए तरीके क्या हैं?

अब भारतीय प्रवासियों का रुझान रियल एस्टेट से हटकर शेयर बाज़ार की तरफ बढ़ा है. 73 प्रतिशत लोगों ने भारतीय शेयरों में अपना निवेश बढ़ाया है और 42 प्रतिशत लोग बाज़ार में नया पैसा लगाने को तैयार हैं. इसके विपरीत, लगभग 40 प्रतिशत निवेशक अपनी ज़मीन और मकानों की होल्डिंग्स कम कर रहे हैं.

  • बचत पर ज़ोर: लोग अब फालतू खर्च कम करके ज़्यादा बचत करने पर ध्यान दे रहे हैं.
  • पैसा भेजने का मकसद: अब निवेश (27%) और रिटायरमेंट (22%) मिलकर 50% हिस्सा बनाते हैं, जो परिवार की मदद (26%) से ज़्यादा है.
  • इन्वेस्टर व्यवहार: 75 प्रतिशत लोग खुद को लंबे समय तक निवेश करने वाले निवेशक मानते हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC NRIs अब भारत में पैसा किस मकसद से भेज रहे हैं?

अब निवेश (27%) और रिटायरमेंट प्लानिंग (22%) के लिए भेजा जाने वाला पैसा कुल रेमिटेंस का 50% है, जबकि परिवार की मदद के लिए यह हिस्सा केवल 26% रह गया है.

NRI अब रियल एस्टेट के बजाय कहाँ निवेश कर रहे हैं?

NRIs अब भारतीय शेयरों (Equities) और वित्तीय संपत्तियों की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसमें 73% लोगों ने अपना निवेश बढ़ाया है, जबकि 40% लोग रियल एस्टेट कम कर रहे हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.