खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव ने तेल की सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक खास बैठक बुलाने का ऐलान किया है। इस बैठक का मुख्य मकसद सदस्य देशों के बीच तालमेल बढ़ाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक यह कदम क्षेत्र में ऊर्जा की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
GCC के महासचिव ने बताया कि इस मीटिंग में सदस्य देशों के बीच ऊर्जा ढांचे को और मजबूत करने पर बात होगी। इसका सीधा असर इस बात पर पड़ेगा कि भविष्य में तेल की सप्लाई में कोई रुकावट न आए और सभी देश एक-दूसरे का सहयोग करें।
इससे पहले 15 मई 2026 को महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदइवी ने कहा था कि आर्थिक मजबूती और सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय एकीकरण बहुत जरूरी है। इसी तरह 26 मार्च 2026 को खाड़ी देशों ने तेल उत्पादों की सप्लाई सुरक्षा के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स फ्रेमवर्क को अपडेट करने पर सहमति जताई थी ताकि किसी भी तकनीकी या राजनीतिक चुनौती से निपटा जा सके।
मई के महीने में महासचिव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की अपील की थी ताकि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहे।
इसी बीच 2 जुलाई 2026 को ओमान के ऊर्जा और खनिज मंत्रालय ने अपनी सप्लाई चेन मैनेजमेंट को डिजिटल बनाने की नई पहल शुरू की है। वहीं सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी चीन के साथ ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग बढ़ाने और सप्लाई चेन को बेहतर करने पर चर्चा की है।
