गल्फ देशों के बीच यात्रा करना अब बहुत आसान होने वाला है। GCC Railways Authority ने ऐलान किया है कि पूरे गल्फ को जोड़ने वाली बड़ी रेल परियोजना का 50% से ज़्यादा काम पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद 6 देशों के बीच सफर करना बहुत तेज़ और सस्ता हो जाएगा, जिससे प्रवासियों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
GCC रेलवे प्रोजेक्ट की क्या है तैयारी और कब तक शुरू होगा?
GCC Railways Authority के डायरेक्टर जनरल Mohammad Al-Shabrami ने सोमवार, 11 मई 2026 को बताया कि इस बड़े प्रोजेक्ट का 50% से अधिक काम पूरा हो गया है। गल्फ देशों के बीच हुए समझौते के मुताबिक, यह पूरी रेलवे लाइन दिसंबर 2030 तक पूरी तरह चालू हो जाएगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लंबाई करीब 1,700 किलोमीटर से लेकर 2,177 किलोमीटर तक होगी। इस पूरे नेटवर्क को तैयार करने में करीब 240 से 250 अरब डॉलर का खर्च आने का अनुमान है।
ट्रेन की रफ़्तार कितनी होगी और इससे क्या फायदा होगा?
इस प्रोजेक्ट में यात्री ट्रेनों की रफ़्तार 200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज़्यादा होगी, जबकि माल ढोने वाली ट्रेनें 80 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी। साल 2030 तक इस नेटवर्क पर 60 लाख यात्री सफर करेंगे और 20 करोड़ टन माल ढुलाई होगी। 2045 तक यह आंकड़ा 80 लाख यात्री और 27.1 करोड़ टन तक पहुँचने की उम्मीद है। इससे सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, प्रदूषण घटेगा और नए रोज़गार के मौके मिलेंगे।
किन देशों के बीच कौन से खास ट्रैक बनेंगे?
- Hafeet Rail: UAE की Etihad Rail और Oman Rail मिलकर 300 किलोमीटर लंबा ट्रैक बना रही हैं, जो अबू धाबी (UAE) को सोहार (Oman) से जोड़ेगा।
- Saudi-Qatar Link: सऊदी अरब और कतर ने रियाद और दोहा के बीच 785 किलोमीटर लंबी हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक रेलवे बनाने का समझौता किया है।
- सहयोग: इस प्रोजेक्ट में कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, UAE और ओमान के राष्ट्रीय रेलवे компании (companies) जैसे Saudi Railway Company और Qatar Rail मिलकर काम कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
GCC रेलवे प्रोजेक्ट पूरी तरह कब तक चालू होगा?
GCC सदस्य देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार, यह पूरी रेलवे परियोजना दिसंबर 2030 तक पूरी तरह चालू हो जाएगी।
इस प्रोजेक्ट में ट्रेनों की रफ़्तार क्या रहेगी?
यात्री ट्रेनें 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ़्तार से चलेंगी, जबकि मालगाड़ियों की रफ़्तार 80 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच होगी।
