Gulf देशों ने लोहे के सामानों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को आगे बढ़ाने की सिफारिश की है. यह अहम फैसला 56वीं इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी की बैठक के दौरान लिया गया. इस मीटिंग की अध्यक्षता सऊदी अरब के मंत्री Bandar Al-Khorayef ने की थी.

🚨: UAE का बड़ा धमाका, सऊदी अरब के दबदबे को किया खत्म, OPEC से अलग हुआ UAE

लोहे के सामानों पर क्या है नया फैसला?

GCC की इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी की 56वीं मीटिंग में यह सुझाव दिया गया कि लोहे के प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी यानी सीमा शुल्क को और आगे बढ़ाया जाए. यह बैठक ऑनलाइन तरीके से आयोजित की गई थी और इसकी मेजबानी Bahrain ने की थी.

मीटिंग में कौन लोग शामिल थे और क्या हुई चर्चा?

इस बैठक की अगुवाई सऊदी अरब के इंडस्ट्री और मिनरल रिसोर्सेज मिनिस्टर Bandar Al-Khorayef ने की. मीटिंग में गल्फ सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों के बीच औद्योगिक सहयोग पर बात हुई. इस फैसले का असर लोहे के व्यापार और निर्माण सामग्री की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे Gulf देशों में काम करने वाले भारतीय कॉन्ट्रैक्टर्स और व्यापारियों को कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC ने लोहे के सामान पर क्या सिफारिश की है?

GCC की इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन कमेटी ने लोहे के उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को आगे बढ़ाने की सिफारिश की है ताकि क्षेत्र के उद्योगों को लाभ मिल सके.

इस बैठक की अध्यक्षता किसने की थी?

यह बैठक Bahrain की मेजबानी में वर्चुअल माध्यम से हुई और सऊदी अरब के मंत्री Bandar Al-Khorayef ने इसकी अध्यक्षता की.