खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने ईरान की ओर से किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इन सैन्य कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का साफ उल्लंघन बताया है। आज 2 अप्रैल 2026 को महासचिव न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को इस मामले पर एक अहम जानकारी देने वाले हैं। यह बैठक बहरीन के आमंत्रण पर बुलाई गई है जो फिलहाल सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहा है।
इन हमलों को लेकर अब तक क्या जानकारी सामने आई है?
- ईरान ने रियाद की तरफ तीन बैलिस्टिक मिसाइलें और सऊदी के पूर्वी प्रांत की ओर 10 ड्रोन दागे जिन्हें रोक दिया गया।
- बहरीन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक उन्होंने 143 मिसाइलों और 244 ड्रोनों को मार गिराया है।
- कुवैत ने भी पिछले 24 घंटों के भीतर 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और 4 ड्रोन हवा में ही नष्ट किए हैं।
- सऊदी अरब ने सुरक्षा कारणों से ईरान के सैन्य अधिकारी और तीन अन्य सदस्यों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया है।
- ओमान के दुकम बंदरगाह और उसके पास मौजूद तेल टैंकर पर हुए हमलों की भी परिषद ने कड़ी निंदा की है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और सुरक्षा पर इसका क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। GCC महासचिव ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार इन देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा कानूनी हक है। संयुक्त राष्ट्र ने भी प्रस्ताव 2817 (2026) के जरिए इन हमलों की निंदा की है। तेल ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर भी खतरा बना हुआ है। खाड़ी देशों की सेनाएं लगातार इन हमलों को नाकाम कर रही हैं ताकि आम जनता और कामगारों को कोई नुकसान न पहुंचे। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान पर दबाव बनाने की अपील की गई है।
| देश का नाम | रोकी गई मिसाइलें और ड्रोन (लगभग) |
|---|---|
| बहरीन | 143 मिसाइलें, 244 ड्रोन |
| कुवैत | 9 मिसाइलें, 4 ड्रोन |
| सऊदी अरब | 3 मिसाइलें, 10 ड्रोन |
