खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने खाड़ी देशों पर हो रहे ईरानी हमलों के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। 22 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा लगातार किए जा रहे ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन हैं। GCC ने साफ किया है कि इस तरह की हरकतों से पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है।

किन इलाकों और तारीखों पर हुए थे ये हमले?

मार्च के महीने में अलग-अलग खाड़ी देशों में कई गंभीर हमले दर्ज किए गए, जिनका असर आम जनता और बुनियादी ढांचे पर पड़ा। GCC द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार हमलों का विवरण नीचे दिया गया है:

  • 19 मार्च 2026: सऊदी अरब की SAMREF रिफाइनरी, यानबू पोर्ट और रियाद के पास तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
  • 17 मार्च 2026: अबू धाबी के अल बहया इलाके में मिसाइल हमले से एक नागरिक की मौत हुई और कई घायल हुए।
  • 3 मार्च 2026: सऊदी और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों और कतर, ओमान, बहरीन में नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ।

सुरक्षा परिषद का फैसला और प्रवासियों पर असर

खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है। 12 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी इन हमलों की निंदा की थी, जिसे GCC ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थन माना है। जसीम मोहम्मद अल बुदैवी ने कहा कि परिषद अपने सदस्य देशों की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने के लिए उनके साथ खड़ी है। ये हमले न केवल सरकारी संपत्तियों बल्कि आम रिहायशी इलाकों के पास भी हुए हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता बढ़ी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.