खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने कहा है कि खाड़ी देशों ने ईरानी हमलों के बाद बहुत ज्यादा संयम बरता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और युद्ध को फैलने से रोकने के लिए इन देशों ने जानबूझकर जवाबी हमला नहीं करने का फैसला किया। 26 मार्च 2026 को जारी एक बयान में उन्होंने कूटनीति के महत्व पर जोर दिया है और बताया कि खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी देशों का एकजुट होना जरूरी है।

GCC देशों ने क्यों नहीं दिया हमलों का जवाब?

महासचिव ने साफ किया कि खाड़ी देश अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार रखते हैं, लेकिन वे इलाके में बड़े संघर्ष को नहीं चाहते। ईरान और अमेरिका के बीच भविष्य में होने वाली किसी भी बातचीत में GCC देशों को शामिल करना जरूरी है ताकि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे। खाड़ी देशों का मानना है कि तनाव बढ़ने से आम लोगों और बुनियादी ढांचे को नुकसान होता है, जिससे बचने के लिए बातचीत ही सबसे सही रास्ता है। उनका कहना है कि संयम दिखाना कमजोरी नहीं बल्कि शांति की ओर एक बड़ा कदम है।

संयुक्त राष्ट्र में पारित हुआ निंदा प्रस्ताव

बहरीन और जॉर्डन की ओर से पेश किए गए एक प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव को 100 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला है, जिसमें ईरानी हमलों की आलोचना की गई है। इस प्रस्ताव में शामिल मुख्य बातें नीचे टेबल में दी गई हैं:

विषय महत्वपूर्ण जानकारी
प्रस्ताव का नाम ईरानी सैन्य हमलों के प्रभाव पर रिपोर्ट
समर्थन करने वाले देश 100 से अधिक देश और GCC सदस्य
मुख्य मांग नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमले बंद हों
ईरान की जिम्मेदारी नुकसान की भरपाई और मानवाधिकारों का पालन
अंतरराष्ट्रीय कानून राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान
सुरक्षा प्राथमिकता क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति

महासचिव Albudaiwi ने इस अंतरराष्ट्रीय समर्थन का स्वागत किया और कहा कि यह प्रस्ताव दिखाता है कि दुनिया खाड़ी देशों के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ है। उन्होंने ईरान से अपील की है कि वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी जिम्मेदारियों को निभाए और पड़ोसी देशों के साथ शांति बनाए रखने में सहयोग करे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.