सीरिया पर हुए हवाई हमलों के बाद GCC देशों ने की कड़ी निंदा, सीरिया की संप्रभुता का किया समर्थन.

खाड़ी देशों के संगठन Gulf Cooperation Council (GCC) के सदस्य देशों ने सीरिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुलकर समर्थन किया है। यह बड़ा बयान 18 अगस्त 2026 को तब सामने आया जब सीरिया के इदलिब स्थित अबू अल दुहुर सैन्य एयरबेस पर इजरायली हवाई हमले किए गए। इन हमलों के बाद खाड़ी देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की बात कही ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
सऊदी अरब और कतर का कड़ा रुख
इस पूरे मामले में Saudi Arabia ने औपचारिक रूप से इन हमलों की कड़ी निंदा की और इसे सीरियाई संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया। वहीं दूसरी तरफ, Qatar's Ministry of Foreign Affairs ने भी एक मजबूत बयान जारी किया। कतर ने इस सैन्य कार्रवाई को एक बिना किसी वजह की आक्रामकता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा करार दिया। कतर ने Qatar News Agency (QNA) के माध्यम से स्पष्ट किया कि वह सीरिया सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है और उसकी राष्ट्रीय सीमाओं तथा स्वतंत्रता को बचाने के पक्ष में है।
सीरियाई सरकार की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
उधर सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को एक खतरनाक escalation बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस आक्रामकता के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। सीरियाई प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि देश के अंदर इस तरह के सैन्य दखल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इन बयानों से पहले भी GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने गर्मियों के दौरान कई बार सीरियाई क्षेत्र में विदेशी सैन्य घुसपैठ को पूरी तरह से खारिज किया था।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
इस कूटनीतिक स्थिति का समर्थन करते हुए सीरिया और इराक के लिए अमेरिका के विशेष राष्ट्रपति दूत Tom Barrack ने इन हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए अनावश्यक खतरा बताया। इसके अलावा जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों को सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता की खुली अनदेखी करार दिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चिंता जताई। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों के लिए भी क्षेत्रीय स्थिरता बहुत जरूरी है ताकि व्यापार और यात्रा सामान्य बनी रहे।