ईरान ने हाल ही में बहरीन और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, लेकिन इसके बावजूद GCC देशों ने बातचीत का रास्ता नहीं छोड़ा है। खाड़ी देश अब तनाव को कम करने और आपसी रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि लंबे समय तक चलने वाली लड़ाई क्षेत्र की शांति के लिए खतरनाक है।
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ईरान के हमले और देशों की प्रतिक्रिया
जून 2026 के आखिरी हफ्ते में ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया। इसके साथ ही Strait of Hormuz में ‘Ever Lovely’ और ‘Kiku’ नाम के व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन हमला किया गया। अमेरिका ने इस कार्रवाई के जवाब में ईरान के तटीय सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif Al Zayani ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बताया कि 28 फरवरी 2026 से अब तक ईरान ने बहरीन के नागरिक बुनियादी ढांचों पर 808 हमले किए हैं। वहीं, कुवैत ने भी 28 जून को ईरानी ड्रोन और मिसाइलों को रोका और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। GCC महासचिव Jasem Albudaiwi ने इन हमलों को “आतंकी कृत्य” करार दिया।
राजनयिक कोशिशें और नए समझौते
तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तकनीकी बातचीत हुई, जो 1 जुलाई 2026 को खत्म हुई। इसमें लेबनान में युद्धविराम, ईरान की 6 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करने पर चर्चा हुई।
17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच ‘Islamabad Memorandum of Understanding (MOU)’ साइन किया गया था। इस 14 सूत्रीय समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर विवादों को सुलझाने और जहाजों को बिना शुल्क रास्ता देने की बात कही गई है।
GCC देशों का ईरान के साथ हालिया संपर्क
- UAE: संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ कार्गो शिपिंग और दुबई से तेहरान के लिए सीधी उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, UAE ने हमलों को रोकने के बदले ईरान को अरबों डॉलर देने पर सहमति जताई है।
- Saudi Arabia: सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच बातचीत हुई है। सऊदी अरब ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है।
- Oman: ओमान ने Strait of Hormuz के मैनेजमेंट के लिए ईरान के साथ मिलकर एक जॉइंट कमेटी बनाई है और अमेरिका को भी एक लॉन्ग टर्म फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है।
- Kuwait: कुवैत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने 18 जून 2026 को फोन पर बात की और स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीति का समर्थन किया।
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत Amir Saeid Iravani ने बहरीन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खाड़ी देश अमेरिका और इसराइल को अपने इलाके का इस्तेमाल करने की इजाजत दे रहे हैं, जिससे ईरान को खतरा है।
