सऊदी अरब के जेद्दा शहर में Gulf देशों (GCC) के बड़े नेताओं की एक खास बैठक हुई। ईरान द्वारा पिछले दो महीनों से किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद यह पहली बार था जब सभी नेता आमने-सामने मिले। इस मीटिंग का मुख्य मकसद ईरान की हरकतों से निपटने के लिए एक साथ मिलकर रणनीति बनाना था।

GCC बैठक में क्या चर्चा हुई और नेताओं ने क्या कहा?

इस समिट की अध्यक्षता सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने की। बैठक में ईरान के हजारों ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब पर बात हुई। कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani ने कहा कि यह बैठक Gulf देशों की एकता दिखाती है और सुरक्षा के लिए आपसी तालमेल जरूरी है।

  • UAE के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने कहा कि अगर किसी एक सदस्य देश पर खतरा आता है, तो वह पूरे Gulf सिस्टम के लिए खतरा है।
  • बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि ईरान के हमलों का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर क्या पड़ा है।
  • हालांकि, UAE के सलाहकार Anwar Gargash ने इस सैन्य और राजनीतिक जवाब को अब तक का सबसे कमजोर बताया।

तेल बाजार और समुद्री रास्तों पर क्या असर पड़ेगा?

बैठक में Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को बंद करने की संभावना पर चर्चा हुई। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो दुनिया भर में तेल की सप्लाई और जहाजों के आने-जाने पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही एक और बड़ी खबर आई कि UAE ने OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया है, जो 1 मई 2026 से लागू होगा। इस फैसले को Gulf देशों की आर्थिक एकजुटता में एक बड़ी कमी के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच कराई जा रही बातचीत पर भी नजर रखी गई।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यह बैठक क्यों बुलाई गई थी?

28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने GCC देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए थे। इसी स्थिति से निपटने और एकजुट होकर जवाब देने के लिए जेद्दा में यह बैठक बुलाई गई।

UAE ने OPEC छोड़ने का क्या फैसला लिया है?

UAE ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ से बाहर हो जाएगा, जिसका असर तेल बाजार और आर्थिक रिश्तों पर पड़ सकता है।